गरीबों के लिए वरदान साबित हो रही PM मोदी की आयुष्मान भारत योजना

PM Modi Health scheme

PM मोदी ने अपने पहले कार्यकाल में बहुत सी ऐसी योजनायें लागु की थी जिन से देश की आम जनता को लाभ पहुंचा| इन्हीं योजनाओ में एक योजना ऐसी भी है जो देश की जनता के स्वास्थ से जुडी है| इस योजना का नाम आयुष्मान भारत है| इस योजना के तहत PM मोदी की कोशिश ये रही कि देश की गरीब जनता जो गरीबी के कारण अपनी बिमारियों का समुचित इलाज करवाने में असमर्थ है वो अपना सुचारू रूप से इलाज करवा सके|

क्या है आयुष्मान भारत योजना?

आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत 23 सितम्बर 2018 को प्रधानमन्त्री मोदी के द्वारा किया गया था| इस योजना को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) भी कहा जाता है| अमेरिका में पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा शुरू किये गए स्वास्थ्य सुरक्षा योजना ओबामाकेयर की तर्ज पर देश की (ABY) को मोदीकेयर भी कहा जाता है|

इस योजना के तहत देश के 10 करोड़ गरीब परिवारों के करीब 50 करोड़ लोगों को 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य सुरक्षा कवर दिया जा रहा है| वास्तव में कहा जाये तो ये योजना देश के गरीब लोगों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम है| अब तक बहुत से ऐसे गरीब परिवार है जिन्हें इस योजना के तहत लाभ प्राप्त हुआ है|

किन्हें मिला इस योजना का लाभ ?

वैसे तो अब तक लाखों लोग इस योजना का लाभ उठा चुके हैं, पर आज हम आपको कुछ ऐसे लोगो के नाम बताएँगे जिनकी ज़िन्दगी को आयुष्मान योजना ने खुशियों से भर दिया|

बिहार के आरा जिले की निवासी मुन्नी देवी एक दृष्टिहीन महिला हैं और इनका परिवार बेहद गरीब है| मुन्नी देवी के पति किशुन शाह मजदूरी करके अपने तीन बेटियों की शादी करवा चुके है और पैसे की कमी के वजह से उनके दो बेटों की पढाई पूरी नहीं हो पाई और उन्हें भी पिता के साथ मजदूरी करनी पड़ी|

इस दम्पति की मुश्किलें तब और भी बढ़ गयी जब किशुन शाह को हर्निया की बीमारी का असह्य दर्द सताने लगा| इस दम्पति को अब अपना ही जीवन बोझ लगने लगा| लेकिन आयुष्मान भारत योजना इनके लिए वरदान के समान साबित हुई जिसके तहत हुए सफल ऑपरेशन से न केवल किशुन साह को जीवन दान मिला, बल्कि अब मुन्नी देवी की आंखों का इलाज भी संभव हो सकेगा|

उत्तर प्रदेश के अकबरपुर क्षेत्र के बिगाही गांव निवासी जरीना को डॉक्टरों ने हाईरिस्क मदर एनीमिया का खतरा बताया था| जिसकी वजह से जरीना की गोद हरी नहीं हो पा रही थी| जरीना के पति तौकीर अली एक मजदूर है| उन्होंने ज़रीना को कानपुर नगर के बड़े प्राइवेट अस्पताल में दिखाया जहाँ इलाज के लिए 45000 का खर्चा बताया गया जो इस परिवार के लिए नामुमकिन था| तभी आयुष्मान भारत योजना ने परिवार को रास्ता दिखाया जिसकी बदौलत आज ज़रीना एक बेटे की माँ है और अब वो अपने लाडले के सुनहरे भविष्य के सपने देख रही है|

आपको बता दे कि अभी भी ऐसे कुछ राज्य है जो आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत नहीं आते पर इन राज्यों को जल्दी ही इस योजना से जुड़ना चाहिए ताकि देश की गरीब जनता को स्वास्थ्य गारंटी मिल सके|