देश के युवओं को पीएम मोदी का ऐप चैलेंज

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भारत को आत्मनिर्भर बनाने में लगे पीएम मोदी कुछ न कुछ नया करने में लगे हैं, इस क्रम में पीएम मोदी ने अब बच्चों के सामने नये ऐप बनाने के लिए एक प्रतियोगिता की शुरूआत की है। प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को ट्वीट करके कहा कि वह आत्मनिर्भर भारत ऐप इनोवेशन चैलेंज लॉन्च करने जा रहे हैं। मोदी ने लिखा, ‘आज मेड इन इंडिया ऐप्स बनाने के लिए तकनीकी और स्टार्टअप समुदाय के बीच अपार उत्साह है। इसलिए @GoI_MeitY और @AIMtoInnovate मिलकर इनोवेशन चैलेंज शुरू कर रहे हैं।’

चीन की मोटी कमाई पर ब्रेक

भारत सरकार ने चीन के कई ऐसे ऐप बैन कर दिए हैं जो कि भारत में बेहद लोकप्रिय हो गए थे और मोटी कमाई कर रहे थे। सीमा पर चीन की हेकड़ी देखने के बाद और इन ऐप में कमियां पाए जाने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया। भारत के फैसले के बाद चीन बौखला उठा। भारत द्वारा चीन की जिन ऐप पर रोक लगाई गई है उनमें टिकटॉक और यूसी ब्राउजर भी शामिल हैं, जो भारत में काफी लोकप्रिय हैं। पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी में भारत-चीन सीमा विवाद के बीच यह रोक लगाई है।

मोदी ने चीन को दिखाया आईना

चीन अपनी विस्तारवादी नीति की वजह से अकसर अपनी सीमाओं को लांघने की कोशिश करते रहता है। इसी वजह से लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय सैैनिकों के साथ हिंसक झड़प हो गई थी। इस झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे वहीं कई चीनी सैनिक भी मारे गए थे। शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी ने लद्दाख पहुंचकर जवानों का उत्साहवर्धन किया साथ ही चीन को भी आईना दिखाया। प्रधानमंत्री ने घायल जवानों से मुलाकात के दौरान कहा था, ‘भारत न कभी झुका है और न ही झुकेगा।’

पीएम को था अंदाजा, भरोसे के लायक नहीं चीन

पिछले साल अक्‍टूबर में जब चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग भारत आए तो प्रधानमंत्री ने उम्‍मीद जताई थी कि भारत और चीन के रिश्‍ते और मजबूत होंगे। शुक्रवार को जब वह लेह में सैनिकों को संबोधित कर रहे थे, तो उन्‍होंने साफ तौर पर चीन के ‘विस्‍तारवादी’ रवैये का विरोध किया। 2019 में जिनपिंग से हाथ मिलाते समय पीएम मोदी को इस बात का भान था कि चीन भरोसे के लायक नहीं है। लेकिन भारत का इतिहास रहा कि वो अपने दुश्मन का मान भी दोस्तों की तरह करता है जिसे मोदी जी ने निभाया। इतना ही नही कई ऐसे मौके थे जब भारत ने खुलकर चीन को ये समझाने की कोशिश की कि अगर दोनो देशो को आगे बढ़ाना है तो नई सोच के साथ एक दूसरे के साथ मिलकर कदम उठाने होंगे लेकिन चीन की फितरत ही है धोखा देना जो वो दे रहा है। लेकिन अब सरकार ने भी आर पार की ठान ली है। और इसलिये हर तरह से मुकाबला करने के लिए भारत तैयार हो रहा है।

कुल मिलाकर ये कहा जाये कि अब भारत ने भी ठान लिया है कि चीन की चालबाजी का अंत इसी विवाद के साथ होना है। इसके लिए विश्व का भरपूर साथ भी मोदी सरकार को मिल रहा है। ऐसे में चीन अब ये समझ ले कि अगर वो अपनी चाल सीधी नही करता तो भारत अब इसे सीधा कर के दम लेगा।


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