पीएम मोदी का ऐलान काले हीरे से आत्मनिर्भर बनेगा भारत

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चीन से बढ़ते तनाव और देश में फैले कोरोना माहामारी के बीच मोदी सरकार देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जुटी हुई है। जिसके चलते कोल सेक्टर में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिये निजी क्षेत्र के लिए 41 कोल ब्लॉक्स की नीलामी की प्रक्रिया की शुरूआत की गई। इस मौके पर पीएम ने फिर से जोश भरते हुए देश की 130 करोड़ जनता में विश्वास पैदा किया कि देश आपदा से ही अवसर निकालने का काम करता आया है और आगे भी करता रहेगा।

कोल  ब्लॉक्स सेक्टर से सही मायने में अब हटा लॉकडाउन

एक बार फिर से पीएम ने देश के लोगों के भीतर एक जोश भरा एक ऐतबार जगाया कि भारत कोरोना से लड़ेगा भी और आगे बढ़ेगा भी उन्होने आत्मनिर्भ भारत का खाका खींचते हुए बतायया कि  आत्मनिर्भर भारत यानि भारत आयात पर अपनी निर्भरता कम करेगा. आत्मनिर्भर भारत यानि भारत आयात पर खर्च होने वाली लाखों करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा बचाएगा और देश के गरीबों के कल्याण में लगाएगा। पीएम मोदी ने कहा, “अब भारत ने कोयला और माइनिंग के सेक्टर को प्रतिस्पर्धा, पूंजी, साझेदारी और तकनीकी के लिए पूरी तरह से खोलने का बहुत बड़ा फैसला लिया है. 2014 के बाद इस स्थिति को बदलने के लिए एक के बाद एक कई कदम उठाए गए। जिस कोल लिंकेज की बात कोई सोच नहीं सकता था, वो हमने करके दिखाया है। ऐसे कदमों के कारण कोल सेक्टर को मजबूती भी मिली.” उन्होंने आगे कहा, “एक मजबूत माइनिंग और मिनरल सेक्टर के बिना आत्मनिर्भरता संभव नहीं है क्योंकि मिनिरल और माइनिंग हमारी अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। इन रिफॉर्म्स के बाद अब कोयले का उत्पादन, पूरा कोल सेक्टर भी एक प्रकार से आत्मनिर्भर हो पाएगा।

सबसे बड़े उत्पादक के साथ सबसे बड़े एक्सपोर्टर बनने का रखा लक्ष्य

इस दौरान पीएम ने देशवासियों से एक सवाल भी पूछा पीएम ने कहा जब हम कोयला के सबसे बड़े उत्पादक देश है तो आखिर क्या वजह रही कि अबतक सबसे बड़े एक्सपोर्टर क्यों नही हैं। यही सवाल करोड़ों भारतीयों के मन में उठता रहा है। देश के कोल सेक्टर को कैप्टिव और नॉन-कैप्टिव के जाल में उलझाकर रखा गया था. जो देश कोल रिजर्व के हिसाब से दुनिया का चौथा सबसे बड़ा देश हो, जो दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक हो, वो देश कोल का एक्सपोर्ट नहीं करता बल्कि वो देश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कोल एक्सपोर्टर बन सकता है। बस इसके लिए हमे नये जोश के साथ खड़ा होना है और ये तय कर लेना है कि हमे आने वाले दिनो में कोयला को लेकर समूचे विश्व के बाजार में एक नबंर पर पहुंचना है।

मतलब साफ है कि पीएम मोदी ने जो मंत्र हमे आज दिया है उसके बाद हमे इस काले हीरे के जरिये दुनिया को दिखा देना है कि भारत अब आयातक नही निर्यातक देश बनेगा फिर वो कोई भी सेक्टर क्यों न हो इसके साथ साथ सरकार के इस कदम से देश में रोजगार के जो अवसर पैदा होंगे वो भी ये दर्शाएगा की भारत अब अपने आप में आत्मनिर्भर बन रहा है और अपनी जीत की कहानी लगातार गढ़ रहा है।


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