पीएम मोदी का कश्मीर में 8000 करोड़ की मिशन ‘APPLE’ योजना

Mission 'APPLE' in Kashmir

कश्मीरी सेब की दुनिया भर में मांग है और अब सरकार सेब उत्पादकों को प्रत्यक्ष लाभ प्रदान करने जा रही है। इसके तहत 12 लाख मीट्रिक टन सेब सीधे किसानों से लिया जाएगा और उन्हें आगे आपूर्ति की जाएगी। किसानों से सेब खरीदने का काम नेफेड (National Agricultural Cooperative Marketing Federation of India) करेगा। और इसकी राशि सीधे किसानों के खाते में पंहुचा दी जाएगी।

जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाये लगभग एक महीना हो गया है। केंद्र सरकार द्वारा लगातार प्रतिबंधों में ढील दी जा रही है, साथ ही विकास के नए मार्ग भी तैयार किए जा रहे हैं। जम्मू कश्मीर में 67% कश्मीरी यानी 7 लाख परिवार सेब व्यवसाय पर निर्भर है। देश के कुल सेब उत्पादन का 79.3% हिस्सा यही से होता है। जम्मू कश्मीर से सालाना 6,500 करोड़ रुपये का सेब निर्यात होता है। पिछले साल कश्मीर में 20 लाख मैट्रिक टन सेब का उत्पादन हुआ था।

इस योजना से किसानों को सीधे लाभ होगा, उनकी खपत बढ़ेगी और सेब की निर्बाध रूप से आपूर्ति भी होगी। खास बात यह है कि अब पैसा सीधे किसानों के खाते में जाएगा। बताया जा रहा है कि इस योजना से घाटी के किसानों की आय में लगभग 2000 करोड़ रुपये की वृद्धि होगी।

'APPLE' plan in Kashmir

प्रारंभ में 1 सितंबर 2019 से 1 मार्च 2020 तक किसानों से सेब खरीदे जाएंगे। इन 6 महीनों के लिए लगभग 8000 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया गया है। इस योजना के माध्यम से घाटी के किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्रालय के तहत चलाई जा रही। केंद्र द्वारा लागू की जा रही इस योजना के तहत, बारामूला, श्रीनगर, शोपियां और अनंतनाग की मंडियों से सेब खरीदे जाएंगे और किसानों को लाभान्वित किया जाएगा। सेब की कीमतें भी सरकार द्वारा तय की जाएंगी, जिसके तहत सेब को ए, बी और सी ग्रेड में बांटा जाएगा।

इस योजना के तहत और कौन सी सुविधाएं उपलब्ध हैं?

1. इस सीजन के लिए, सेब की बिक्री बढ़ाने के लिए केंद्र द्वारा एक नई योजना लागू की जा रही है।
2. सरकारी एजेंसियों के सहयोग से NAFED योजना की पूरी प्रक्रिया 15 दिसंबर, 2019 तक पूरी हो जाएगी।
3. इस योजना के तहत, सेब सीधे किसानों से या मंडी के माध्यम से लिया जाएगा।
4. राज्य सरकार किसानों के बैंक खातों के बारे में जानकारी देगी, जहां से सेब की कीमत उनके खाते में पहुंचाई जाएगी।
5. सेब को कई श्रेणियों में विभाजित किया जाएगा, जिसमें कश्मीरी सेबों को ए, बी और सी में विभाजित किया जाएगा। शुरुआत में सेब को शोपियां, सोपोर और श्रीनगर की मंडियों से खरीदा जाएगा।
6. सेब की कीमत श्रेणियों के अनुसार एक समिति द्वारा तय की जाएगी।
7. सेब को श्रेणी में विभाजित करने का काम क्वालिटी कमेटी करेगी।
8. इन समितियों का नेतृत्व मुख्य सचिव करेंगे।
9. इस योजना को लागू करने के लिए कृषि मंत्रालय, गृह मंत्रालय और अन्य केंद्रीय एजेंसियां मिलकर काम करेंगी।