UNSC अध्यक्षता करके पीएम मोदी रचेंगे एक और इतिहास

अब भारत की बात विश्व में ना सिर्फ सुनी जाती है बल्कि उसपर अमल भी किया जाता है यही वजह है कि आज यूएन में भारत को अच्छा खासा तवज्जो दिया जा रहा है। इसी क्रम में भारत अब एक महीने तक यानी अगस्त महीने तक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की कमान संभालेगा।

UNSC की पहली बार भारत को कमान

एक अगस्त से पूरे महीने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद  की कमान भारत  के हाथों में रहने वाली है। भारत को पूरे महीने सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता करनी है। इस दौरान भारत समुद्री सुरक्षा, वैश्विक शांति और आतंकवाद के मुद्दे पर कड़ा रुख अख्तियार करने वाला है। वहीं, जब से भारत के UNSC की अध्यक्षता संभालने की बात पाकिस्तान को पता चली है, तभी से ही पड़ोसी मुल्क के पेट में दर्द होने लगा है। दरअसल, पाकिस्तान  को इस बात का डर सता रहा है कि भारत आतंक पर वार करने के साथ ही उसे वैश्विक मंच पर घेर सकता है और इस बात से कहीं ना कहीं पाकिस्तान भीतर ही भीतर घबराया हुआ है और हो भी क्यों ना आखिरकार चोर की दाढ़ी में ही तिनका होता है। गौरतलब है कि भारत इस साल फिर से सुरक्षा परिषद का आस्थायी सदस्य चुना गया था।

Hope India will follow international rules, norms during UNSC presidency:  Pakistan - India News

पीएम मोदी होंगे अध्यक्षता करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री

भारत ने रविवार से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता संभाल ली है। अगस्त 2021 में सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता भारत के पास रहेगी। इसके साथ साथ भारत आने वाली 15 अगस्त को आजादी के 75वें साल में प्रवेश कर रहा है। इसी अहम मौके पर भारत को दुनिया की सबसे शक्तिशाली संस्था संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता मिली है। भारत ने एक अगस्त को फ्रांस से यह जिम्मेदारी ली। एक महीने तक इस पद पर रहने के दौरान भारत की ओर से बुलाई गई बैठकों में एक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी करेंगे। बीते 75 साल में पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री यूएनएससी की किसी बैठक की अध्यक्षता करेंगे। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी दूत टीएस तिरुमूर्ति ने फ्रांसीसी प्रतिनिधि निकोलस डि रिवेयर से रविवार को अध्यक्ष का प्रभार लिया। अध्यक्ष के तौर पर दो अगस्त को भारत का पहला कार्य दिवस होगा। तिरुमूर्ति ने बताया कि इस महीने के दौरान भारत की अध्यक्षता में यूएनएससी की कई अहम बैठकें एजेंडे में हैं। इनमें सीरिया, ईराक, सोमालिया, यमन, मध्य-पूर्व जैसे इलाकों में शांतिस्थापना के प्रयासों से जुड़ी बैठक अहम होगी। उन्होंने बताया कि वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति बनाने और समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के मुद्दों पर भी महत्त्वपूर्ण बैठकें होंगी। कयास लगाया जा रहा है कि 9 अगस्त को पीएम मोदी इसकी अध्यक्षयता कर सकते हैं।

भारत की विदेश नीति जिस तरह से इस वक्त परवान चढ़ रही है वैसा आजादी के बाद पहले नहीं देखा गया था। क्योंकि आज जो मान भारत को मिल रहा है वो यह बता रहा है कि भारत अब एक शक्तिशाली देश बनकर उभर रहा है।