जनता से सीधे संवाद के जरिये जुड़े रहते पीएम मोदी

देश में कुछ लोग मोदी जी पर लाख ये आरोप लगाये कि वो जनता की आवाज नही सुनते हैं लेकिन हकीकत ये है कि देश के वो पहले पीएम होंगे जो जनता के बीच सबसे ज्यादा रहते है और जनता के साथ उनका संवाद सबसे ज्यादा रहता है। खासकर तब जब देश में कोई आपदा आई हो या फिर जब कुछ लोग झूठ बोलकर देश का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हो।

किसान भइयों से लगातार कर रहें संवाद

आज देश में अगर कृषि आंदोलन करीब 2 महीने से ज्यादा से चल रहा है। कुछ लोग हठधर्मिता की हर हद को पार कर चुके हैं और बस किसान बिल वापस लो की जिद्द करने में लगे हुए है। हालांकि सरकार ने विनम्र होकर इन लोगों के साथ बात करने को तैयार है पर इससे बड़ी बात ये है कि इस मुद्दे पर खुद पीएम मोदी किसानों और देश के लोगों के बीच आकर करीब 1 दर्जन से ज्यादा बार  बिल के बारे में स्थिति साफ कर चुके है। खुद पीएम बता चुके है कि बिल से कैसे किसानों की आय में इजाफा होगा। इतना ही नहीं लोकतंत्र के मंदिर यानी संसद में पीएम ने साफ तौर पर बोला कि एमएसपी थी एमएसपी है और एमएसपी रहेगी, वही उन्होने तंज कसते हुए बोला कि किसानों को ये भी छूट दी गई है कि वो नये बिल से अपना सामान बेचे या वो चाहे तो नये कृषि बिल से अपनी उपज बेच सकते है। अब आप समझ सकते हैं कि एक पीएम देश के लोकतंत्र के मंदिर में खड़े होकर  कैसे वचन देते है लेकिन इसके बावजूद भी कुछ लोग ये बोलते हुए नजर आ रहे है कि कानून हटाओ जिससे ये साफ पता चलता है कि किसान आंदोलन के जरिये कुछ लोग सिर्फ अपना उल्लू सीधा करना चाहते हैं।

कोरोना काल में 8 बार जनता से किया सीधा संवाद

इसी तरह देश पर आई अबतक की सबसे बड़ी आपदा कोरोना से निपटने के लिये पीएम मोदी ने देश की जनता के साथ वक्त वक्त पर बात कि और उन्हे इस बीमारी से बचने के लिए आगाह करते हुए दिखाई दिए। इसके साथ ही पीएम मोदी ने राज्यो के सीएम के साथ भी 10 से ज्यादा बार सीधे  वार्ता करके कोरोना से निपटने की रणनीति बनाई। वही कई विदेशी राष्ट्राध्यक्षो से भी इस बाबत बात करके निदान निकालने की कोशिश की जिसका असर ये देखा जा रहा है कि आज कोरोना से लाखो लोगो की जान बची तो देश की आर्थिक हालात भी ज्यादा खराब नहीं हुए और देश आज आत्मनिर्भर राष्ट्र के तौर पर उभर रहा है जो ये बताता है कि जनता और मोदी जी का जुड़ाव कितना अधिक है।

इसके साथ मन की बात से भी कोरोना हो या कृषि बिल दोनो पर पीएम ने सरकार की स्थिति साफ करके जो साफगोशी दिखाई वो सबके सामने है ऐसे में पीएम मोदी पर ये आरोप लगाना कि वो जनता से सीधे सवांद नही करते है कही न कही उन लोगो की राजनैतिक कुशलता पर सवाल खड़ा करता है।