उड़ान योजना से कम हो रही दूरियाँ, अमीर-गरीब के बीच की खाई भी पट रही

The dream of flying in aeroplane
फोटो साभार: ट्विटर

उड़ान योजना, प्रधानमंत्री मोदी के नागरिक उड्डयन नीति के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण योजना है| उड़ान UDAN [Ude Desh ka Aam Naagrik – उड़े देश का आम नागरिक] योजना के नाम में ही इसका अर्थ छुपा है| इस योजना का लक्ष्य कम दरों पर हवाई यात्रा उपलब्ध करवाना है, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग हवाई यात्रा कर सकें| साथ ही देश के वैसे छोटे शहरों को एयर-कनेक्टिविटी प्रदान करना है, जो अभी तक भारत के उड्डयन मानचित्र से गायब हैं|

कैसे कैसे उड़ान भर रही, प्रधानमंत्री की उड़ान योजना

तीन चरणों में कार्यान्वित उड़ान योजना अभी तक काफी सफल रही है| कुल मिलाकर 23 अनसर्व्ड और 16 अंडरसर्व्ड एअरपोर्ट इस योजना से जुड़ चुके हैं और 7 जून 2019 तक तीनों चरणों को मिलाकर कुल 174 (प्रथम चरण से 54, द्वितीय चरण से 84, और तृतीय चरण में 36) रूट पर नियमित हवाई सेवा शुरू हो चुकी है|

कम होती दूरियाँ, बदलती किस्मत

उड़ान योजना ने देश के सुदूरवर्ती क्षेत्रों की बड़े शहरों से दूरी कम की है| अब लोगों को शिक्षा, चिकित्सा, और पर्यटन या किसी भी और जरुरत की स्थिति में आवागमन में समय बर्बाद नहीं करना पड़ता| किसी भी आकस्मिक स्थिती में लोगों का सफ़र करना आरामदेह और सुगम हो गया है|

इतना ही नहीं, हवाई यात्रा सस्ती और लोगों की पहुँच में भी हो गयी है| हवाई सेवा और देश की सबसे महत्वपूर्ण लम्बी दुरी की यात्रा सेवा रेल के किराये का फर्क बहुत ही कम रह गया है| ज्यादा से ज्यादा लोगों द्वारा हवाई सेवा के इस्तेमाल से विमानन कंपनियों में प्रतिस्पर्धा बढ़ी है और इसका फायदा कम होते किराये के रूप में सीधा यात्रियों को मिला है|

सस्ती और सुलभ हवाई यात्रा

उदाहरण के तौर पर मुंबई से नांदेड़ प्रथम श्रेणी का रेल किराया करीब 2200 रूपये है, वहीँ उड़ान योजना के अंतर्गत ट्रूजेट फ्लाइट का किराया सिर्फ 2700 रूपये है| लेकिन एक ओर जहाँ रेल के सफ़र में जहाँ समय करीब 13 घंटे लगेगा और कन्फर्म टिकट मिलने की कोई गारंटी नहीं है; वहीँ दूसरी तरफ हवाई यात्रा में सीट की गारंटी और सिर्फ 2 घंटे में ये सफ़र पूरा किया जा सकेगा| वैसे रूटों पर जिसपर राजधानी एक्सप्रेस चलती है, राजधानी के द्वितीय श्रेणी वातानुकूलित शयनयान का किराया और हवाई किराया लगभग बराबर है|

अमीर हो या गरीब, सबके लिए हवाई यात्रा

 

UDAN

इसका सीधा फायदा देश की जनता को मिल रहा है| पहले सिर्फ अमीरों के हिस्से आने वाले हवाई यात्रा का रोमांच अब आम नागरिक भी उठा रहे हैं और देश में अमीर और गरीब के बीच की खाई अब पट सी गयी है| कप्पा नूडल्स और मसाला चाय की फैलती खुशबू वाले हवाई सफ़र में अब पराठे और अचार की खुशबू भी सेंध मारने लगी है| कानों में बोस का हेडफोन चिपकाये युवकों और युवतियों के बगल में गमछा या पगड़ी बांधे, हाथ में बांस की लाठी पकडे बैठे बुजुर्गों को देखना अब आम बात है|