काला धन और आतंकवाद के मुद्दे के साथ G20 शिखर सम्मलेन में भाग लेंगे PM मोदी

 

G20भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अगले सप्ताह 28-29 जून को ओसाका में हो रहे G 20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने जापान जायेंगे| इस चौदहवें शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष और प्रमुख अंतर्राष्टीय संगठनों के प्रमुख भी शामिल हो रहे हैं| यह छठा मौका है जब प्रधानमंत्री मोदी G 20 में भाग लेंगे, उनके साथ केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु भी होंगे|

जी-20 के सदस्य देशों में भारत, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मेक्सिको, रूस, सउदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्की, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं।

G20 Summit

सम्मेलन में भारत का एजेंडा क्या होगा इसपर बात करते हुए सुरेश प्रभु ने बताया कि, “2008 में आये भीषण वैश्विक आर्थिक मंदी के बाद G 20 अत्यंत महत्वपूर्ण मंच हो गया है| इसके सदस्य देश अकेले ही पुरी दुनिया के जीडीपी का करीब 85% योगदान देते हैं| इसमें भारत का ध्यान अपने एजेंडे में उर्जा सुरक्षा, विश्व व्यापार संगठन में सुधार, आतंकवाद और सामाजिक सुरक्षा को शामिल करना होगा|” प्रभु ने भगोड़े आर्थिक अपराधियों और खाद्य सुरक्षा के मुद्दे पर भी ध्यान देने की बात की|

इस बार शिखर सम्मेलन में चर्चा के लिए प्रमुख विषय हैं, मुक्त व्यापार और आर्थिक वृद्धि तथा कराधान, डिजिटल अर्थव्यवस्था और कृत्रिम बुद्धिमतता (एआई), समावेशी एवं सतत विश्व, ऊर्जा एवं पर्यावरण, वैश्विक स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन और समुद्री प्लास्टिक कचरा इत्यादि। बढ़ते संरक्षणवाद और विश्व के शक्तिशाली देशों के बीच व्यापार युद्ध के बारे में पूछे जाने पर प्रभु ने कहा कि भारत व्यापार के मुक्त प्रवाह का समर्थन करता है।

सम्मेलन के बाद प्रधानमंत्री वहां अन्य बैठकें भी करने वाले हैं| ऐसी संभावना जताई जा रही है की प्रधानमंत्री मोदी वहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से भी मुलाकात करेंगे| ऐसा हुआ तो प्रधानमंत्री बनने के बाद ये दोनों राष्ट्राध्यक्षों की पहली मुलाकात होगी|