आज़ादी के बाद एक नई परंपरा की शुरुआत कर गए पीएम मोदी : उन नायकों को सम्मान जिनको बना दिया गया गुमनाम

आजाद हिन्द फौज के 75 वें स्थापना दिवस के मौके पर जहां पीएम मोदी ने नेता जी के योगदान के बारे मे बताया तो इशारों इशारों में देश के दुश्मनों को भी किया आगाह कि देश अब बदल गया है।

आजाद भारत मे पहली बार इतिहास के उन पन्नो कोखोला गया जिसे शायद ही हम याद रखते है। लेकिन ये मोदी सरकार की ही देन है जो देश के उन महान विभूतियों के बारे मे भी जान पा रहे है जो सिर्फ इतिहास की कुछ किताबो मे अब तक धूल ही फांक रहे थे। क्योकि कुछ मौका परस्त लोगों को अच्छी तरह पता था कि अगर इनके बारे मे और इनके कामों को देशवासी जान गये तो सवाल उनपर ही उटाये जायेगे। शायद इसी लिये नेता जी सुभाष चन्द बोस जैसी हस्ती को इतिहास कि काल कोठरी मे बंद कर दिया गया। लेकिन अब मोदी सरकार ने देश के सामने इनके द्वारा किये गये काम को जन जन तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया है।

तभी तो लाल किले से पीएम ने नेता जी को याद करते हुए कहा कि नेताजी ने एक ऐसे भारत का वादा किया था जिसमें सब बराबर हों और सबकों बराबरी का मौका मिले। उन्होंने ऐसे खुशहाल देश की कल्पना की थी जो अपनी परंपराओं और हर क्षेत्र में विकाश की वजह से जाना जाए। उन्होंने बांटो और शासन करो की नीति को जड़ से उखाड़ने का वादा किया था। बावजूद इतने वर्षों बाद भी उनके ये सपने अधूरे हैं। हमने लाखों लोगों के बलिदान के बाद स्वराज हासिल किया है। लेकिन इस बीच पीएम ने ये भी बताया कि आखिर किस तरह एक परिवार के गुणगान गाये गये और किस तरह से दूसरी महान हस्तियों को दुत्कारा गया।

 

 

पीएम ने कहा कि नेता जी एक ऐसा देश चाहते थे जिसकी ओर दुनिया के दूसरे देश आंख उठाकर न देख सकें। आज उनकी ये इच्छा भी पूरी हो रही है। देश के दुश्मन भारत पर बुरी नजर नहीडाल पा रहे है और अगर कोई ऐसा करता है तो नेता जी के द्वारा तैयार की गई देश की सेना उन्हे मुंह तोड़ जवाब भी देने मे सक्षम है।

पीएम मोदी ने इसके साथ नेता जी के नाम से एक सम्मान देने की शुरूआत भी की है। जिसके तहत उन पुलिस वालो को आवर्ड दिया जायेगा जो प्रकृतिक आपदा के वक्त अपना सब कुछ खपाकर लोगों को बचाते है।

देश मे इस तरह के आयोजन करके मोदी सरकार ने उन लोगो के गाल मे एक जोरदार तमाचा ही जड़ा है जो लोग अपना तो टाइम कैप्सूल बनावा रहे थे लेकिन देश के लिये मर मिटने वाले दूसरे हस्तियों को सिर्फ चुनाव के वक्त ही याद करके वोट बटोर के लिये उपयोग मे लाते रहे है।