पीएम मोदी ने विपक्ष को दिखाया आईना बोले देशहित पर राजनीत हावी हो रही है

संविधान दिवस के मौके पर संसद में होने वाले समारोह से विपक्ष का बहिष्कार देश की सियासत का ह्रास नहीं तो क्या है, क्योंकि लोकतंत्र में तो सत्ता पक्ष और विपक्ष एक दूसरे के पूरक है लेकिन विपक्ष जिस तरह का माहौल आज बना रहा है उससे यही लगता है कि मोदी का विरोध करते करते ये लोग देश और देश के संविधान का विरोध करने में जुट गये है।

खुद लोकतांत्रिक कैरेक्टर खोने वाले दल लोकतंत्र की रक्षा कैसे करेंगे

देश में जिस तरह का माहौल आज देखा जा रहा है उसमे ये बात से कोई इंकार नहीं कर सकते है कि सियासत में परिवारवाद आज हावी हो रहा है। खुद पीएम मोदी ने इस बारे में देश को आगाह किया और बोला कि भारत एक ऐसे संकट की ओर बढ़ रहा है, जो संविधान को समर्पित लोगों के लिए चिंता का विषय है, लोकतंत्र के प्रति आस्था रखने वालों के लिए चिंता का विषय है और वो है पारिवारिक पार्टियां। योग्यता के आधार पर एक परिवार से एक से अधिक लोग जाएं, इससे पार्टी परिवारवादी नहीं बन जाती है। लेकिन एक पार्टी पीढ़ी दर पीढ़ी राजनीति में है। संविधान की भावना को भी चोट पहुंची है, संविधान की एक-एक धारा को भी चोट पहुंची है, जब राजनीतिक दल अपने आप में अपना लोकतांत्रिक कैरेक्टर खो देते हैं जो दल स्वयं लोकतांत्रिक कैरेक्टर खो चुके हों, वो लोकतंत्र की रक्षा कैसे कर सकते हैं।

संविधान हजारों सालों की परंपरा

इस दौरान पीएम मोदी ने देश के संविधान की खूबसूरती से देश की जनता को रूबरू करवाया। पीएम मोदी ने बोला ‘हमारा संविधान ये सिर्फ अनेक धाराओं का संग्रह नहीं है, हमारा संविधान सहस्त्रों वर्ष की महान परंपरा, अखंड धारा उस धारा की आधुनिक अभिव्यक्ति है। इस संविधान दिवस को इसलिए भी मनाना चाहिए, क्योंकि हमारा जो रास्ता है, वह सही है या नहीं है, इसका मूल्यांकन करने के लिए संविधान दिवस एक अच्छा माध्यम हो सकता है। लेकिन अफसोस तो तब होता है जब कुछ लोग इसका भी विरोध करते हुए देखे जाते हैं। जबकि संविधान दिवस किसी एक दल का नही बल्कि पूरे देश का है और इसमें शामिल ना होना एक प्रकार से ठीक नही है।

 

लेकिन आज देश के भीतर एक ऐसी स्थिति बनी है कि अगर पीएम मोदी सरकार कोई भी राष्ट्रहित के लिये काम करती है तो कुछ लोग इसका विरोध करते रहते है जिससे ये पता चलता है कि विपक्ष का अब सिर्फ एक काम बन चुका है कि वो सिर्फ सरकार का विरोध करना चाहती है फिर मौका कोई भी क्यो ना हो।