लता दीदी के साथ पीएम मोदी ने अपने खास रिश्ते को देश के सामने साझा किया

लता दीदी के जाने के बाद अगर ये कहा जाये कि हिंदुस्तान ने अपनी आवाज खो दी है तो गलत ना होगा। खुद पीएम मोदी ने लता दीदी के ना रहने पर शोक जताया और उनके साथ जो उनकी यादें जुड़ी थी उसे देश के सामने रखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वेबसाइट पर रविवार को स्वर कोकिला लता मंगेशकर और उनके ”खास रिश्ते” को याद करते हुए कुछ यादें साझा की जिन्हें हम आपके सामने रख रहे हैं।

जब लता दीदी ने मोदी जी के पीएम बनने की करी थी प्रार्थना

‘लता दीदी स्वर्गलोक के लिए प्रस्थान कर चुकी हैं। यह भारतीय फिल्म उद्योग के शानदार और मधुर युग का अंत है। उनकी भावपूर्ण आवाज पूरे देश में गूंजी और देश में लाखों दिल जीते। अपने प्रशंसकों द्वारा ‘स्वर कोकिला’ के रूप में बुलाए जाने पर, लता दीदी ने उनके साथ एक विशेष अमूर्त रिश्ता साझा किया। लता दीदी को अपने प्रशंसकों से ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी से भी बेहद लगाव था।” मोदी और लता दीदी के जन्मदिन का महीना एक ही है। वह प्यार से मोदी को ‘नरेन्द्र भाई’ कहकर बुलाती थीं। वर्ष 2013 में, जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब लता और उनके परिवार ने पुणे में एक सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल का उद्घाटन करने के लिए उन्हें आमंत्रित किया था, जिसे उनके दिवंगत पिता दीनानाथ मंगेशकर की याद में बनाया गया था। अस्पताल लता दीदी के दिल के बहुत करीब था क्योंकि इसे उनके दिवंगत पिता की याद में बनाया गया था। इसी कार्यक्रम के दौरान लता दीदी ने कहा था, ”मैं भगवान से प्रार्थना करती हूँ कि हम नरेंद्र भाई को प्रधानमंत्री के रूप में देखें।” और उनकी ये प्रार्थना भगवान ने स्वीकार कर ली और 2014 में देश के पीएम मोदी जी बने।

रक्षाबंधन पर पीएम मोदी से मांगा वचन

लता दीदी  हर साल रक्षाबंधन के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी को शुभकामनाएं देती थीं। अपने एक वीडियो संदेश में लता ने इस बात पर दु:ख व्यक्त किया था कि वह कोविड महामारी के कारण मोदी को राखी नहीं भेज सकीं। लेकिन उन्होंने मोदी जी से इस दौरान वचन मांगा था कि जैसे वो देश का विकास तेजी से कर रहे हैं ऐसे ही काम करते रहेंगे। इसके साथ साथ मोदी ने वर्ष 2019 में ‘मन की बात’ के एक एपिसोड में प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र के साथ टेलीफोन पर एक बातचीत साझा की  जो उन्होंने अमेरिका की यात्रा पर जाने से पहले लता के साथ की थी। तब मोदी ने इस बातचीत को ”एक छोटे भाई का अपनी बड़ी बहन से प्यार से बात करने जैसा” करार दिया था।

लता दीदी का निधन वास्तव में देश के लिए एक दुखद दिन है। लेकिन, उनकी आवाज अब भी पूरे देश में गूंजेगी। इस साल बीटिंग रिट्रीट समारोह में प्रधानमंत्री के कहने पर ‘ऐ मेरे वतन के लोगों..’ की धुन बजाई गई। लता दीदी द्वारा गाया गया यह गीत हर भारतीय के दिल में देश भक्ति की भावना भर देता है  और युगो युगों तक उन्हें अमर बना देता है।