हाथ में छाता लिए जब प्लेन से उतरे पीएम मोदी ने पेश की सादगी की मिसाल

पीएम मोदी अमेरिका पहुंच चुके है। इस दौरान उनका स्वागत मेघराज ने किया और एक बार फिर दुनिया ने पीएम मोदी की वो तस्वीर देखी जो उन्हे दूसरे नेताओं से जुदा बनाती है। जी हां, पीएम मोदी जब प्लेन से निकले तो वो अपने हाथ में खुद छाता लिये हुए थे जो उनकी सादगी को बताता है। आज वो दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानमंत्री जरूर है लेकिन वो आज भी जमीन से उतना ही जुड़े है जितना वो पहले थे।

खुद छता पकड़ के उतरे प्लेन से पीएम मोदी

इसमे कोई दो राय नहीं कि पीएम मोदी आज दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेता है और उनकी विनम्रता ने ही आज उन्हे यहां तक पहुंचाया है। ऐसा नहीं कि पीएम मोदी ने ये पहली बार किया हो जब वो छाता हाथ में लेकर उतरे हो। इससे पहले भी संसद भवन में वो खुद छाता हाथ में थामें मीडिया से मुखातिब हुए थे। ठीक इसी तरह एक विदेश यात्रा में जब मेजबान देश की तरफ से उन्हे फूलों का गुल्दस्ता दिया गया तो एक फूल उससे गिर गया था जिसे खुद पीएम ने उठाकर अपनी सादगी और एक जमीन से जुडे नेता की झलक दिखाई थी। पीएम मोदी ऐसे ही किसी भी रैली में अपने वर्करों से पैर नही छुआते है और अगर कोई ऐसा करता है तो उसे वैसे ही जवाब भी देते है। ऐसा कई बार तस्वीरों विडियो के जरिये देखा गया है। ऐसे में अगर कुछ लोगो को ये सिर्फ नौटंकी लगता है तो वो अपने दिमाग का इलाज करवाये तो ज्यादा बेहतर होगा।

प्लेन में दफ्तर की फाइलों के बीच पीएम मोदी

अपने अमेरिका की यात्रा के दौरान पीएम मोदी की एक तस्वीर बहुत वायरल हो रही है। जिसमें वो प्लेन में फाइलों से घिरे देखे जा रहे है जो ये साफ बताता है कि प्लेन हो या घर या फिर दफ्तर, पीएम मोदी देश के कामकाज में भी लगे रहते है। ऐसा वो तब भी करते है जब वो अपने वाहन से भी चलते है और उस दौरान अगर उनके पास थोड़ा वक्त रहता है तो वो काम निपटाते रहते है। ये बात पहले भी उनके साथ चलने वाले कई अधिकारी या फिर पत्रकार बता चुके है। लेकिन ये बताता है पीएम के उस जूनून को जिसे उन्होने 2014 में शपथ लेने से पहले से ही प्रण किया था कि वो देश के विकास के लिये लगातार काम करेंगे जो देखने को लगातार 7 सालों से मिल रहा है।

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पीएम मोदी का क्रेज भी तो इसीलिये है तभी तो अमेरिका में उनके साथ एक तस्वीर खिचाने के लिये सैकड़ो लोग बारिश में भी खड़े रहने को तैयार है तो दूसरी तरफ ये मोदी जी की सादगी है कि वो उनको भी निराश नहीं करते है और बारिश के बीच में ही उन लोगों से मिलकर उनके स्वागत को कबूल करते है जो ऐसी तस्वीरों में कैद हो जाता है जिसे कभी नहीं भुलाया जा सकता है।