चुनाव के दौरान अपनी पहली ऑफलाइन पब्लिक मीटिंग पुराने रंग में दिखे पीएम मोदी

एक तऱफ मतदान चल रहा है तो दूसरी तरफ प्रचार का दौर और तेज होता हुआ दिख रहा है। इस क्रम में पीएम मोदी ने भी लोगों को उनकी पार्टी को जिताने के लिए वोट मांगे और जनता उन्हे क्यो वोट करे इसके बारे में बताया। यूपी के लिए पहली ऑफलाइन पब्लिक मीटिंग में पीएम मोदी ने विपक्ष पर करारा हमला भी बोला।

Image

विकास के लिए डबल इंजन की सरकार जरूरी

पीएम मोदी यूपी हो या उत्तराखंड हर जगह डबल इंजन की सरकार क्यों जरूरी है इसके बारे में लोगों को समझाया। पीएम की माने तो  गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना के घर मिलते रहें, गरीबों को अच्छे अस्पतालों में पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज, छोटे किसानों के बैंक खाते में प्रधानमंत्री किसान योजना का पैसा सीधे पहुंचता रहे, गरीबों को इस महामारी के समय मुफ्त राशन मिलता रहे इसके लिए डबल इंजन की सरकार का होना बहुत जरूरी है। इसके साथ साथ यूपी का सहारपुर हो या फिर उत्तरखांड का श्रीनगर, हर जगह पीएम मोदी का अभिवादन वहां के लोगों ने दिल खोलकर किया। सड़को के दोनो तरफ लोगों को देखा गया तो खुद पीएम मोदी ने इन लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। सबसे अच्छा तब लगा जब सफाईकर्मी के सामने से पीएम मोदी का कारवां निकला और पीएम मोदी ने उन्हे नमस्कार किया तो ऐसा लगा जैसे एक प्रधानसेवक ने दूसरे श्रमसेवक का धन्यवाद किया हो। वैसे भारत की सियासत में ऐसा देखने को कम मिला है लेकिन जबसे मोदी सरकार आई है तब से ऐसा सम्मान कई बार लोगों ने देखा है।

परिवारवादी जनता का भला नहीं कर सकते

इस दौरान पीएम मोदी ने विपक्ष पर भी तंज कसा और बोला, ‘सिर्फ और सिर्फ अपने परिवार की सेवा में लगे रहने वाले लोग, अपने परिवार का भला सोचने वाले लोग गरीब के लिए, दलित, पीड़ित, शोषित, वंचित के लिए और छोटे किसान के लिए कभी सोच नहीं सकते हैं, काम भी नहीं कर सकते हैं। जब यहां ये घोर परिवारवादी लोग सत्ता में थे, तो इन्होंने सहारनपुर के शहरी इलाकों में 500 गरीबों के लिए घर बनाने को मंजूरी दी लेकिन ये वो भी न बना पाए, सिर्फ 200 घर बना पाए। इन लोगों के राशन माफिया को पनपने दिया। ये लोग हमारे गरीब भाइयों-बहनों का राशन तक खा जाते थे। देश के लोगों ने इनके ये कारनामे भी देखे हैं, लेकिन हमारी सरकार ने ये सारे कारनामे खत्म कर दिये है।

इसके साथ साथ पीएम मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत में जनता से माफी मांगते हुए कहा कि मैं यहां से आज पहले चरण का जो मतदान चल रहा है, वहां की जनता और मतदाताओं से क्षमा चाहता हूं। मेरा ये फर्ज बनता था कि चुनाव घोषित होने के बाद उनके बीच जाऊं लेकिन मैं जा नहीं पाया था, चुनाव आयोग  ने कुछ मर्यादाएं रखी थी। वर्चुअल रूप से तो उनसे मिला था। पीएम मोदी की इस विनम्रता को देखकर यही लगता है सच में ऐसा नेता देश में युगों बाद मिलता है।