पीएम मोदी बोले- सीलमपुर, जामिया और शाहीन बाग संयोग नहीं, राष्ट्र के सौहार्द्र को खंडित करने का प्रयोग है

 PM Modi said

दिल्ली में चुनाव की घोषणा के बाद पीएम मोदी ने आज दिल्ली में पहली रैली को संबोधित किया । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पूर्वी दिल्ली के कड़कड़डूमा स्थित सीबीडी ग्राउंड में चुनावी रैली में कहा कि सीलमपुर, जामिया या फिर शाहीन बाग़ में बीते कई दिनों से नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ हो रहे प्रदर्शन ‘सिर्फ़ संयोग नहीं प्रयोग’ है।

उन्होंने कहा, “इसके पीछे राजनीति का एक ऐसा डिज़ाइन है जो राष्ट्र के सौहार्द को खंडित करने का इरादा रखता है। यह सिर्फ़ अगर क़ानून का विरोध होता तो सरकार के आश्वसान के बाद ख़त्म हो जाना चाहिए था। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस राजनीति का खेल खेल रहे हैं। संविधान और तिरंगे को सामने रखकर ज्ञान बांटा जा रहा है और असली साज़िश से ध्यान हटाया जा रहा है।”

उन्होंने कहा, “प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा पर न्यायपालिका ने भी अपनी नाराज़गी जताई है लेकिन ये लोग अदालतों की परवाह नहीं करते। इस वजह से दिल्ली से नोएडा आने जाने वालों को कितनी दिक़्क़त हो रही है। दिल्ली वाले चुप हैं लेकिन ग़ुस्से में भी हैं। इस मानसिकता को यहीं रोकना ज़रूरी है और भाजपा को दिया हर वोट इस मानसिकता रोकने की ताक़त रखता है।”

इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बीजेपी अपने हर संकल्प को पूरा करती है जो कहती है वो करती है। बीजेपी के लिए देश का हित, देश के लोगों का हित सबसे ऊपर है। इसलिए आपका 8 फ़रवरी को पड़ने वाला वोट सिर्फ़ सरकार बनाने वाला नहीं बल्कि दिल्ली के विकास को नई ऊंचाई पर पहुंचाने वाला होगा।

साथ ही उन्होंने राम मंदिर और अनुच्छेद 370 के बारे में चर्चा करते हुए कहा “अनुच्छेद 370 से मुक्ति 70 साल बाद मिली। राम जन्मभूमि पर फ़ैसला 70 साल बाद आया, करतारपुर साहिब कोरिडोर 70 साल बाद बना, भारत-बांग्लादेश सीमा विवाद 70 साल बाद हल हुआ, सीएए से हिंदुओं, सिखों, इसाइयों को नागरिकता 70 साल बाद मिली। ये सभी फ़ैसले पहले भी लिए जा सकते थे। ये समस्या पहले भी सुलझाई जा सकती थीं, लेकिन स्वार्थनीति राजनीति का आधार हो तो फ़ैसले अटकते भी हैं।

बता दें कि दिल्ली की सभी 70 विधानसभा सीटों पर चुनाव हो रहे हैं। इसके लिए दिल्ली में 8 फरवरी को वोट डाले जाएंगे। इसके बाद 11 फरवरी को वोटों की गिनती होगी और चुनाव के नतीजे जारी किए जाएंगे। इस चुनाव में आम आदमी पार्टी के सामने अपनी सत्ता बचाने की चुनौती है, तो वहीं, भारतीय जनता पार्टी सत्ता में काबिज होने की जुगत में लगी हैं।