PM मोदी ने रियाद में कहा- भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट अप इकोसिस्टम

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PM Modi said in Riyadh

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब के रियाद में FII फोरम को संबोधित किया। उन्होंने यहां निवेशकों को भारत में निवेश करने का न्योता देते हुए कहा कि भारत 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। पीएम ने कहा, Startup के लिए भारत में बड़े अवसर उपलब्ध है और भारत इस समय निवेश के लिए सबसे उपयुक्त जगह है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी कंपनियों को भारत के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया है। भारत को अपनी तेजी बढ़ रही अर्थव्यवस्था के लिए ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की जरूरत है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत का लक्ष्य 2024 तक ऊर्जा के बुनियादी ढांचे को बनाने के लिए रिफाइनिंग, पाइपलाइन और गैस टर्मिनलों में 100 बिलियन डॉलर का निवेश करना है।

पीएम मोदी ने विश्व भर से जुटे निवेशकों को भारतीय स्टार्टअप में पूंजी निवेश के विशाल अवसरों का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा, ‘‘भारत में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप परिवेश है।’’ सऊदी अरब में ‘फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव फोरम’ बैनर तले होने वाले इस वार्षिक सम्मेलन जिसे ‘रेगिस्तान का दावोस’ भी कहा जाता है, को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सऊदी अरब की राष्ट्रीय तेल कंपनी अरामको ने महाराष्ट्र के पश्चिमी तट में प्रस्तावित 6 करोड़ टन सालाना क्षमता की रिफाइनरी में निवेश का निर्णय किया है। यह एशिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी होगी। मोदी ने कहा, ‘‘मैं आपको सुनिश्चित करना चाहता हूं कि भारत की वृद्धि दर आने वाले समय में बढ़ेगी। हम अर्थव्यवसथा की वृद्धि के लिये कदम उठा रहे हैं। हम कारोबार सुगमता के मामले में रैंकिंग सुधार रहे हैं। इसका कारण राजनीतिक स्थिरता, भरोसेमंद नीति और बड़ा विविध बाजार है। भारत में आपका निवेश सर्वाधिक फायदेमंद होगा।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में पिछले पांच सालों में मैंने कई मेजर बदलाव किए। एफडीआई पॉलिसी को सुगम करने की वजह से भारत विदेशी निवेश का बड़ा हब बन गया है। पिछले साल जितान विदेशी निवेश हुआ वह बीते 20 सालों के विदेशी निवेश का लगभग आधा है। इस दौरान भारत में 286 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) हुआ।

अपने संबोधन में मोदी ने वैश्विक व्यापार को प्रभावित करने वाले पांच ट्रेंड्स के बारे में बताया। उन्होंने कहा, “आज जब भारत में हम विकास को गति देना चाहते हैं तो हमें उभरते हुए ट्रेंड्स को समझना होगा। इनमें पहला ट्रेंड है टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का प्रभाव, दूसरा- इन्फ्रास्ट्रक्चर की महत्ता, तीसरा है ह्यूमन रिसोर्स और फ्यूचर ऑफ वर्क में हो रहे बदलाव, चौथा है पर्यावरण के प्रति सहानुभूति और पांचवा है बिजनेस फ्रेंडली गवर्नेंस।

 


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