70वें संविधान दिवस पर संसद भवन में बोले पीएम मोदी, संविधान हमारे लिए सबसे बड़ा और पवित्र ग्रंथ है

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70th Constitution Day | PC - Twitter

भारत देश आज संविधान दिवस मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय संविधान दिवस की 70वीं वर्षगांठ के अवसर पर सेंट्रल हॉल में संसद की संयुक्त बैठक को संबोधित किया। राष्ट्रपति रामानथ कोविंद, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू भी मौजूद थे। वहीं कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों ने मंगलवार को संविधान दिवस के मौके पर सरकार की तरफ से बुलाए गए संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक का बहिष्कार किया। संसद परिसर में भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कई अन्य विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। ये सभी नेता महाराष्ट्र के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।

इन नेताओं ने हाथों में बैनर ले रखा था जिस पर ‘संकट में संविधान’ लिखा था। विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने ‘संविधान की हत्या बंद करो’ के नारे भी लगाए।

PM Modi said in Parliament House on 70th Constitution Day | PC - Twitter

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कुछ दिन और अवसर ऐसे होते हैं जो हमारे अतीत के साथ हमारे संबंधों को मजबूती देते हैं। हमें बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करते हैं। आज 26 नवंबर का ऐतिहासिक दिन है। 70 साल पहले हमने विधिवत रूप से इसी दिन एक नए रंग रूप के साथ संविधान को अंगीकार किया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा संविधान हमारे लिए सबसे बड़ा और पवित्र ग्रंथ है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हमारा संविधान वैश्विक लोकतंत्र की सर्वोत्कृष्ट उपलब्धि है। यह न सिर्फ अधिकारों के प्रति सजग रखता है, बल्कि हमारे कर्तव्यों के प्रति जागरूक भी बनाता है। हमारे संविधान की मजबूती के कारण ही हम एक भारत-श्रेष्ठ भारत की दिशा में आगे बढ़ पाए हैं। हमने तमाम सुधार संविधान की मर्यादा में रहकर किए हैं।’

प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर मुझे संविधान को सरल भाषा में कहना है तो डिग्निटी फॉर इंडियन और यूनिटी फॉर इंडिया। इन्हीं दो मंत्रों को हमारे संविधान ने साकार किया है। नागरिक की डिग्निटी को सर्वोच्च रखा है और संपूर्ण भारत की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारा संविधान ‘हम भारत के लोग’ से शुरू होता है, हम भारत के लोग ही इसकी ताकत हैं, हम ही इसकी प्रेरणा हैं और हम ही इसका उद्देश्य हैं।

बता दें कि भारत के संविधान को 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया था। जबकि, 26 जनवरी 1950 को पूरे देश में इसे लागू किया गया था। तब से 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है।

 


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