पीएम मोदी ने मल्टीमीडिया मंच ‘प्रगति’ के माध्यम से की परियोजनाओं की समीक्षा

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31वें संवाद सत्र की अध्‍यक्षता करते हुए पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रगति मंच के माध्य्म से 31वें संवाद सत्र की अध्येक्षता की और 16 राज्योंर तथा केंद्र शासित प्रदेश जम्मूम-कश्मींर की 61 हजार करोड़ रुपये लागत की 9 परियोजनाओं की समीक्षा की। एक सरकारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि बैठक में राष्ट्रीय कृषि बाज़ार और आकांक्षी जि़ला कार्यक्रम पर भी चर्चा हुई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वे किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए उत्तीर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के किसानों को पराली के निपटान के उपकरणों के वितरण में प्राथमिकता दें।

गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने केंद्र और पंजाब, हरियाणा, उत्तवर प्रदेश और दिल्ली सरकार को भी निर्देश दिया है कि वे पर्यावरण संबंधी मसलों पर गौर करने के लिए 3 महीने के भीतर विस्तृत योजना तैयार करें। पीठ ने तीनों राज्य सरकारों को निर्देश दिया कि वे छोटे और मझौले किसानों को पराली न जलाने के लिए सात दिन के भीतर एक सौ रुपया प्रति क्विंटल की दर से सहायता भी दें। शीर्ष न्यायालय ने दिल्ली में भीषण वायु प्रदूषण की रोकथाम में विफलता के लिए अधिकारियों को फटकार भी लगाई। न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अध्यक्षता में दो न्यायाधीशों की पीठ ने कहा कि अगर अधिकारी जनता की परवाह नहीं करते तो उन्हें पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है।

प्रधानमंत्री ने जनजातीय बच्चों के स्‍वास्‍थ्‍य और शिक्षा से संबंधित मुद्दों पर ध्या्न केंद्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि पिछड़े जिलों को राष्ट्रीय औसत के स्त‍र पर लाने के लिए समय सीमा निर्धारित की जानी चाहिए।

प्रधानमंत्री को राष्ट्रीय कृषि बाजार के बारे में जानकारी दी गई, जिससे किसानों को उनकी उपज के लिए बेहतर दाम दिलाने में मदद मिली है। अब किसानों के खातों में सीधे ई-पेमेंट के जरिए पैसा भेजा जा रहा है। जम्मू-कश्मीर में दो समन्वित ई-मंडियों के विकास में हुई प्रगति की भी समीक्षा की गई। मोदी ने बुधवार को महात्वाकांक्षी उधमपुर-बारामूला रेल लिंक परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए काम में तेजी लाने और अगले साल तक इसे पूरा करने का स्पष्ट निर्देश दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रगति मंच के माध्‍यम से परियोजनाओं की समीक्षा की

प्रधानमंत्री ने अवसंरचना संपर्क परियोजनाओं, कटरा-बनिहाल रेलवे लाइन, आईजोल-तूईपांग राजमार्ग परियोजना और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के निर्माण में हुई प्रगति की भी समीक्षा की गई। उन्होंचने निर्देश दिया कि दिल्ली-मेरठ एक्सपेसवे का कार्य मई, 2020 की नई समय-सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि ‘जब उन्होंने नवंबर, 2016 में इसकी समीक्षा की थी तो उन्हें बताया गया था कि 2018 में यह कॉरिडोर पूरा हो जाएगा। लेकिन अब 2019 भी समाप्त होने वाला है, लेकिन यह प्रॉजेक्ट पूरा नहीं हो सका है।’ पीएम मोदी ने बैठक में अधिकारियों से पूछा कि आखिर 4 साल पहले उन्होंने इस प्रॉजेक्ट का शिलान्यास किया था, लेकिन अब तक यह पूरा क्यों नहीं हो सका है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के जरिए दिल्ली से मेरठ का सफर महज 45 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। फिलहाल इस रूट को तय करने में अभी कम से कम ढाई से तीन घंटे तक का वक्त लग जाता है। उन्हों ने राज्य सरकारों से लंबे समय से लंबित परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने को भी कहा।

 


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