RCEP को खारिज कर पीएम मोदी ने विश्व के सामने रखी दमदार भारत की छवि

न हम आंख दिखाकर बात करते है और न झुकाकर हम बात करते है, हा तो आंख मिलाकर बात करते हैं, ये बात मोदी सरकार ने एक बार फिर से साबित कर दिया है। क्योकि भारत ने रीजनल कांप्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप यानी आरसेप (RCEP) को खारिज कर दिया जो ये बताता है कि आज का भारत अंतरराष्ट्रीय दबाव में झुकने वाला नहीं, बल्कि अपने हितों की रक्षा करने वाला भारत है।

मोदी जी ने की देश के किसानों, उद्योगों के हितों की रक्षा

इस निर्णय से मोदी जी ने देश के किसानों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों, कपड़ा व्यापार, डेयरी और विनिर्माण क्षेत्र, दवा, इस्पात और रासायनिक उद्योगों के हितों की रक्षा की है। उन्होंने बड़ी मजबूती के साथ भारत का पक्ष विश्व के बडे़ नेताओं के समक्ष रखा और तब तक इस समझौते में शामिल नहीं होने का निर्णय लिया जब तक भारत के व्यापारिक घाटे, डंपिंग और अन्य महत्वपूर्ण शर्तों पर सहमति नहीं बन जाती।

मोदी सरकार की मांग है इंपोर्ट ड्यूटी के लिए 2019 को ही आधार वर्ष बनाया जाए

इस बीच हमारी एक मुख्य मांग यह रही कि मौजूदा हालात को देखते हुए इंपोर्ट ड्यूटी के लिए 2019 को ही आधार वर्ष बनाया जाए। हालिया आरसेप बैठक में प्रधानमंत्री मोदी और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भारतीय किसानों, डेरी उद्योग, लघु/मध्यम और विनिर्माण उद्योग के हितों को आधार बनाकर भारत का पक्ष मजबूती के साथ रखा। इस वार्ता में राष्ट्रहित से जुड़े तमाम अहम मुद्दे उठाए गए। जैसे टैरिफ डिफरेंशियल में संशोधन, सीमा शुल्क की आधार दर में बदलाव, मोस्ट फेवर्ड नेशन नियम का उन्मूलन, संवेदनशील क्षेत्रों में निवेश को एक विशेष नियम से बाहर रखना, निवेश प्रक्रिया में भारत के संघीय ढांचे के महत्व का सम्मान आदि। वास्तव में इस वार्ता के एजेंडे में शामिल 70 में से 50 बिंदु भारत के थे।

पहले के मुकाबले देश में एक नई ऊर्जा का प्रवाह है। इस ऊर्जा के सूत्रधार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। आरसेप प्रस्ताव को नकारने का मर्म प्रधानमंत्री मोदी के इस बयान में सम्माहित है, ‘जब मैं सभी भारतीयों के हितों के संबंध में आरसेप समझौते को मापता हूं तो मुझे सकारात्मक जवाब नहीं मिलता है। न तो गांधीजी की नीति स्वदेशी और न ही मेरा विवेक मुझे आरसेप में शामिल होने की अनुमति देता है।’ इसी के चलते ही पीएम मोदी ने एक मजबूत पक्ष रखते हुए इस समझौते को टाटा बाय बया किया….