पीएम मोदी ने सबसे कम उम्र में तेनाली महापरीक्षा पास करनेवाले प्रियव्रत की तारीफ की

PM Modi praised Priyavrat

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवाओं को हमेशा प्रतोत्साहित करते हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को एक युवा की जमकर प्रशंसा की और उसे उसकी सफलता पर बधाई दी।

प्रियव्रत ने भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाते हुए मात्र 16 साल की उम्र में इतिहास रचा दिया । अपने पिता के साथ प्रियव्रत ने वेदों और न्याय का अध्ययन करते हुए सभी व्याकरण ग्रंथों का अध्ययन किया और तेनाली परीक्षा (महापरीक्षा) के 14 स्तरों को सबसे कम समय में पास करने की सफलता हासिल की। प्रियव्रत की इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनके मुरीद हो गए हैं।

Tenali Exam | (तस्वीर साभार- ट्विटर)

उनकी इस सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रियव्रत की प्रशंसा की, जो ’महापरीक्षा’ पास करने वाले सबसे कम उम्र के व्यक्ति बने| मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘एक्सलेंट! प्रियव्रत, इस कमाल के लिए बधाई, आपकी उपलब्धि कई लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।’

परीक्षा का आयोजन साल में दो बार श्री कांची वेदांत शास्त्र सभा द्वारा ब्यावर, मीमांसा, व्याकरण, अद्वैत और वेद भाष्य में किया जाता है। प्रियव्रत ने सभी व्याकरण महा ग्रंथों में परीक्षा दी थी। शास्त्रों का अध्ययन करने वाले छात्र ही इस परीक्षा के प्रतिभागी होते हैं। 2015 से इंडिक एकेडमी तेनाली परीक्षा को सपोर्ट करती है। यह संस्थान किसी ओपन यूनिवर्सिटी की तरह काम करता है। यह करीब 40 छात्रों को विभिन्न शास्त्रों का अध्ययन करने में मदद करता है। इसके अंतर्गत देश में शिष्य अपने गुरु के यहां गृह गुरुकुलम पद्धति से ज्ञानार्जन करते हैं। बीते 40 सालों में शास्त्रोंय के अध्ययन के क्षेत्र में तेनाली परीक्षा काफी लोकप्रिय है।

दिल्ली विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग ने भी युवा प्रियव्रत की सराहना की है । विभाग के प्रमुख रमेश भारद्वाज ने कहा, “यह 16 साल की उम्र में हासिल किया गया एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। यह उन विद्वानों के लिए मुश्किल है, जो 40-50 साल के शास्त्रों की इस 14-चरणीय परीक्षा को पास करते हैं। ”