अर्थव्यवस्था के मामले में दुनिया से एक कदम आगे पीएम मोदी

दुनिया में इस वक्त कुछ देश कोरोना महामारी से परेशान चल रहे है तो कुछ आतंरिक कलह के चलते तो कुछ देशों में तो आपस में इस बीच जंग भी हो रही है। लेकिन इन सबके बीच पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत लॉकडाउन के बाद अपनी अर्थव्यवस्था सुधारने में तेजी से लग गया है। आत्मनिर्भर भारत के तहत जहां मेक इन इंडिया पर जोर दिया जा रहा है तो विदेशी निवेशकों के लिये भी देश के गेट खोलने की बात पीएम मोदी जी ने की है। 

विदेशी निवशेकों के लिये भारत सबसे बेहतर स्थान

समूची दुनिया के कारोबारियों पीएम मोदी ने एक बार फिर से भारत में आकर कारोबार करने की अपील की है। पीएम ने वर्चुअल ग्लोबल इंवेस्टर राउंडटेबल 2020 में दुनिया के अलग-अलग हिस्से से टॉप 20 संस्थागत निवेशकों से बात की इस दौरान भारत में उठाए गए सुधार के कदमों और यहां निवेशकों लिए उपलब्ध अवसरों पर बात हुई। इतना ही नही पीएम ने साफ किया कि भारत में युवा शक्ति का खजाना है तो यहां निवेश को लेकर कानूनी अड़चन कम हुई है। इतना ही नही हर राज्य में संसाधन की भी कोई कमी नही है इसके साथ साथ दुनिया के देशों में देखे तो हर जगह कोई न कोई दिक्कते बनी हुई है लेकिन भारत ही एक ऐसा देश है जहां किसी प्रकार की कोई दिक्कत नही है। इतना ही नही पीएम ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इन सब वजह के चलते विदेशी निवेशकों में 13 फीसदी की बढ़ोत्तरी देश में हुई है जो एक अच्छी खबर है।

सरकार ने शिक्षा, कृषि और श्रम क्षेत्रों में किए अहम सुधार

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने शिक्षा, कृषि और श्रम क्षेत्रों में महत्वपूर्ण सुधार किये हैं। ये क्षेत्र ऐसे हैं, जो लगभग हर भारतीय को प्रभावित करते हैं। ‘‘अगर आप शिक्षा के क्षेत्र में भागीदारी चाह रहे हैं, तो वह स्थान भारत है। अगर आप विनिर्माण या सेवा क्षेत्रों में निवेश पर विचार कर रहे हैं, वह स्थान भारत है। अगर आप कृषि क्षेत्र में सहयोग पर गौर कर रहे हैं, उसके लिये भारत उपयुक्त स्थान है। कोरोना वायरस महामारी का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘भारत ने कोविड-19 के बीच अनूठा रुख अपनाया है। हमने गरीबों और छोटे कारोबारियों को राहत और प्रोत्साहन पैकेज उपलब्ध कराये। हमने इस अवसर का उपयोग संरचनात्मक सुधारों को आगे बढ़ाने में किया। ये सुधार अधिक उत्पादकता और समृद्धि सुनिश्चित करते हैं।’’

पीएम मोदी जिस तरह से विदेशी निवेशकों को देश में आने के लिए लुभा रहे है उसका नतीजा भी दिखने लगा है। चीन छोड़कर करीब 300 से ज्यादा बड़ी कंपनियां भारत में आने वाली है तो कुछ कंपनियां भारत की तरफ रुख कर चुकी है जो ये बता रहा है कि मोदी जी विदेश कंपनियों को लुभाने में सफल हो रहे है। ऐसे में ये कहना गलत न होगा कि मोदी जी 5 मिलियन इकोनॉमी के लक्ष्य को जरूर पूरा करके दम लेंगे।