कश्मीर की घाटी को आतंक मुक्त, अलगाववादी सोच मुक्त बनाने की राह पर PM मोदी

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‘कश्मीर भारत का था, भारत का है और भारत का ही रहेगा’ ये वो वाक्य है जो हमने कई बार और कई नेताओ के मुख से सुना है पर हमारे माननीय प्रधान मंत्री इस वाक्य को पूरी तरह से सच्चाई का रूप देने की कवायद कर रहे है और कई हद तक अपने कोशिश में वो कामयाब भी हो चुके है | मोदी का एक ही सपना है की अन्य राज्यों की तरह कश्मीर की जनता भी अपने आप को भारत का हिस्सा समझे | स्वर्ग सी सुन्दर कश्मीर की घाटी को अलगाववादी नेताओं की नापाक सोच और आतंकवादियों के खौफ से मुक्त करना यहीं मोदी का परम लक्ष्य है |

इसके साथ ही मोदी ये भी चाहते है कश्मीर की जनता भी विकास के रह पर आगे बढे और इसी क्रम में कश्मीर के युवाओं को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं |

ख़त्म हुआ आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला आर्टिकल 370

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जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाला आर्टिकल 370 संविधान Part XXI (Temporary, Transitional and Special Provisions) में आता है जिसका मतलब है की ये अनुच्छेद अस्थायी है और इसे हटाया जा सकता है | जब इस अनुच्छेद को बनाया गया था तब कश्मीर की हालिया स्थति के लिए ये सही था पर वर्तमान स्थति में ये सिर्फ कश्मीर में अलगाववादी सोच को बढ़ावा देता है और इसीलिए सरकार ने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक 2019 को पारित कर दिया है जिसके तहत अब कश्मीर की घाटी आर्टिकल 370 से मुक्त हो चुकी है | इसके साथ ही आर्टिकल 370 के अंतर्गत अनुच्छेद 35A को भी हटा दिया जो जम्मू कश्मीर के नागरिकों के जमीन से जुड़े कुछ अधिकारों को सुरक्षित करता है |

प्रधानमंत्री के आतंक विरोधी नीति से आतंकियों की घंटी आबादी

आतंकियों की आबादी को घाटी में कम करने के लिए मोदी ने आतंकविरोधी नीति तैयार की थी जिसके अंतर्गत लोकसभा के वर्तमान सत्र में पुरे एक साल का रिपोर्ट दिया गया | रिपोर्ट में सामने आई की पिछले साल जुलाई से लेकर इस साल जुलाई तक में आतंकवादी वारदातों में 28 प्रतिशत की कमी आई है | वहीँ पाकिस्तान से आतंकी घुसपैठ की घटनाओं में भी 43 प्रतिशत कमी आई है | सबसे बड़ी बात ये है की कश्मीर के युवा अब आतंकवाद के रास्ते पर नहीं बल्कि विकास के राह पर आगे बढ़ रहे है |

कश्मीर के युवाओं के विकास के लिए मोदी करीब 80,068 करोड़ की लागत से कई परियोजनाएं चला रहे है सड़क निर्माण, बिजली के उत्पादन और वितरण, स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सुविधाऐं, 2 AIIMS का निर्माण, IIM और IIT के निर्माण का काम हो रहा है | इसके साथ ही युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए भी कई योजनायें चलायी जा रही है |

अलगाववादियों और हुर्रियत नेताओं की सच्चाई लायी सामने

jammu kashmir separatist

अपने पिछले कश्मीर के दौरे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किसी भी अलगाववादी नेता को तनिक भी अहमियत नहीं दी और न ही वो किसी भी अलगाववादी या हुर्रियत नेता से मिलने गए | ऐसा करके शाह ने एक बात तो बहुत साफ़ कर दी है की मोदी के कश्मीर में अलगाववादी और हुरियत नेताओं के लिए न तो कोई जगह और न ही उनकी अहमियत है |

इसके साथ ही मोदी ने घाटी के सेना को निर्देश दिया है की आप क्या करेंगे कैसे करेंगे कब करेंगे मतलब इस बात से नहीं है, आपको बस कैसे भी घाटी से आतंकियों का सफाया करना है |

इसके साथ ही सरकार ने एक रिपोर्ट जारी की जिसमे उन सभी अलगाववादी और हुर्रियत नेताओं के कारनामे लिखे हुए थे की कैसे एक तरफ ये नेता कश्मीर के बच्चों के भविष्य के साथ वो खेलते है और दूसरी तरफ अपने बच्चों को विदेशों में पढने के लिए भेज देते है ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रहे| एक बात का जवाब तो इन सभी नेताओं को देना चाहिए की अलग होने का इतना ही शौक है और आतंकवाद से इतना ही प्यार है तो अपने बच्चों को भी आतंकवादी बना दो, उन्हें क्यों पढ़ा रहे हो ?