एसोचैम की 100वीं वर्षगांठ पर बोले पीएम मोदी, मेरे लिए FDI “Foreign Direct Investment” के साथ-साथ “First Develop India” है

PM Modi on the 100th anniversary of Assocham

दिल्ली के विज्ञान भवन में उद्योग संगठन एसोचैम की वार्षिक आम सभा के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था पांच-छह साल पहले त्रासदी की ओर बढ़ रही थी, सरकार ने इसे ठीक किया और राजकोषीय स्थिति को नियंत्रित किया। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी का ये वक्तव्य ऐसे समय में आया है जब भारत की अर्थव्यवस्था में सुस्ती बनी हुई है। एक तरफ देशभर में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ जारी उग्र विरोध प्रदर्शनों को लेकर हाहाकार मचा हुआ है, वहीं दूसरी ओर पीएम मोदी ने सुस्त अर्थव्यवस्था को लेकर खुद ही मोर्चा संभाल लिया है।

विज्ञान भवन में एसोचैम के 100 वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को लेकर आजकल जो चर्चा हो रही है, उन सारी बातों से वह भलीभांति परिचित हैं। जो भी कहा जाता है, उस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करने की बजाय हर बात से अच्छाई को चुन कर उसके सहारे आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘देश की अर्थव्यवस्था में उतार चढ़ाव पहले भी आये हैं, लेकिन देश में वह सामर्थ्य है कि वह हर बार ऐसी परिस्थिति से बाहर निकला है और पहले से ज्यादा मजबूत होकर निकला है। इसलिए अभी की परिस्थिति से भी भारत बाहर निकलेगा और नयी मजबूती एवं नयी ताकत से आगे बढ़ेगा।

Assocham | PC - Twitter

एसोचैम की वार्षिक आम सभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मैं आज Assocham के इस मंच से, उद्योग जगत के लोगों को ये विश्वास दिलाना चाहता हूं कि अब जो पुरानी कमजोरियां थीं, उस पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है। इसलिए खुलकर फैसले लें, खुलकर निवेश करें, खुलकर खर्च करें। पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर पर 100 लाख करोड़ रुपए का निवेश, इसे ताकत देगा। देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर 25 लाख करोड़ रुपए का निवेश इस लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज भारत दुनिया के उन टॉप 10 देशों में शामिल है, जिसने इज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग में पिछले 3 वर्षों में लगातार सबसे अच्छा सुधार किया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस कहने में चार शब्द लगते हैं लेकिन इसकी रैंकिंग में बदलाव तब होता है जब दिन-रात मेहनत की जाती है, जमीनी स्तर पर जाकर नीतियों में, नियमों में बदलाव होता है। गौरतलब है कि 2014 में जब मोदी सरकार ने कमान संभाली थी तो ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में भारत की रैंकिंग 142 थी। कारोबार की सुगमता की रैंकिंग में अब हम 63वें स्थान पर आ गए।

उन्होंने कहा कि हम भारतीय अर्थव्यवस्था को आधुनिक और औपचारिक बनाना चाहते हैं। ऑनलाइन कंपनी रजिस्ट्रेशन की सुविधा के साथ-साथ कई ऐसी व्यवस्थााएं की गई हैं जिनसे कारोबारी सुगमता बढ़ी है।

पीएम मोदी ने कहा, ”पिछले कुछ सालों से भारत में एफडीआई का इनफ्लो बढ़ा है। एफडीआई के दो अर्थ निकलते हैं। पहला जो सब जानते हैं- विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (Foreign Direct Investment) और दूसरा मैं कहता हूं फर्स्ट डेवलप इंडिया।”

5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि ये बात अचानक नहीं आई है। बीते 5 साल में देश ने खुद को इतना मजबूत किया है कि ऐसे लक्ष्य रखे भी जा सकते हैं और उन्हें प्राप्त भी किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब हमने 5 ट्रिलियन इकोनॉमी की बात की तो मैं जानता था कि यह एक चुनौती होगी। लोगों ने हमारी आलोचना की। आधार लिंक्डय पेमेंट्स, जीएसटी जैसे अन्य कदम अर्थव्यवस्था की मजबूती की दिशा में उठाए गए। उन्हों ने कहा कि पिछले 5 साल में इकोनॉमी में मजबूती आई है और इकोनॉमिक ग्रोथ के लिए कई अहम फैसले लिए गए हैं।