PM Modi on Privatisation: पीएम मोदी ने बताया क्यों निजीकरण पर जोर दे रही है सरकार, आप भी जानिए क्या दिए हैं तर्क!

PM Modi on Privatisation: आज पीएम मोदी ने निजीकरण पर आयोजित वेबिनार में बताया कि निजीकरण क्यों जरूरी हो गया है। उन्होंने बताया कैसे पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज से न केवल सरकार बल्कि देश को भी नुकसान हो रहा है। इसमें करदाताओं का पैसा बर्बाद होता है।

नई दिल्ली
PM Modi on Privatisation: आज पीएम मोदी ने निजीकरण को लेकर आयोजित किए गए एक वेबिनार में कई अहम बातें कहीं। उन्होंने ये समझाने की कोशिश की कि निजीकरण क्यों जरूरी हो गया है और बहुत सारी पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज से सरकार को और देश को क्या नुकसान हो रहे हैं। आइए जानते हैं पीएम मोदी के इस वेबिनार की कुछ खास बातें।

करदाताओं का पैसा होता है बर्बाद!

पीएम मोदी ने कहा कि जब पब्लिक सेक्टर की शुरुआत की गई थी, तब उसकी जरूरत थी। आज की जरूरत है निजीकरण। लोगों के पैसों का सही इस्तेमाल करने के लिए निजीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बहुत सारे ऐसे पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज हैं जो लगातार नुकसान में चल रहे हैं। ऐसे में सरकार को अक्सर इन एंटरप्राइज की मदद करनी पड़ती है और टैक्सपेयर्स का पैसा ही इसमें खर्च होता है।

लोगों के पेट पालने को नहीं माना जा सकता तर्कसंगत!

पीएम ने कहा कि किसी पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज को सिर्फ इसलिए नहीं चलाते रहना चाहिए कि वह कई सालों से चल रहा है या फिर उससे कई लोगों के पेट पल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन एंटरप्राइज की मालिक सरकार बनी रहे, इसकी जरूरत नहीं है। ऐसा करने से सरकार का ध्यान कल्याणकारी योजनाओं से हटता है और साथ ही सरकार का पैसा और संसाधन भी लगता है। वह बोले कि एक टैलेंटेड सरकारी अधिकारी को किसी पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज में डाल देना उसके टैलेंट के साथ अन्याय है, उस एंटरप्राइज के साथ अन्याय है और साथ ही देश की जनता के साथ भी अन्याय है।

देश में लैपटॉप, टैबलेट, PC की मैन्युफैक्चरिंग को सरकार का बूस्टर डोज, IT हार्डवेयर में PLI स्कीम को मंजूरी

निजीकरण से आते हैं रोजगार के मौके
पीएम ने कहा कि सरकार को बिजनस करने से कई नुकसान होते हैं और उनकी भरपाई के बारे में भी उसे सोचना पड़ता है। वह बोले कि सरकारें ये सोचती आई हैं कि जो जैसा चल रहा है चलने दो, आने वाली सरकारें इससे निपटेंगी और ये हमेशा से चलता ही आ रहा है। उन्होंने कहा कि अब इससे बाहर निकलना होगा, क्योंकि जब निजीकरण बढ़ता है तो आधुनिकता बढ़ती है, बिजनस का विस्तार होता है, बेहतर प्रबंधन बनता है और इन सब के चलते देश में रोजगार के नए मौके आते हैं।

 

Publish On: Navbharat Times