पीएम मोदी अजीब हैं, कभी किसी पीएम का जनता के साथ ऐसा संवाद देखा है

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कहते हैं एक राजा और उसकी प्रजा में रिश्ता ऐसा होना चाहिए जैसे पिता पुत्र का होता है, जो ऊपर से तो सख्त लगे लेकिन भीतर से इतना कोमल कि हर परेशानी का उसे भी ऐहसास हो ,कुछ ऐसा ही रिश्ता आज पीएम मोदी और देश की जनता के बीच में देखा जा रहा है कि जनता पीएम मोदी से खुल कर बात करती है तो पीएम मोदी भी उनसे घुलमिलकर एक परिवार के सदस्य की तरह बाते करते हैं, कुछ ऐसा ही नजारा दिखा जब पीएम मोदी यूपी के लोगो के साथ रूबरू हुए। चलिए जानते हैं कि पीएम और उनके बीच क्या बातें हुई..

पीएम मोदी ने आखिर क्या मांगा पीएम आवास योजना के लाभार्थी से

मौका था यूपी में रोजगार अभियान शुरू करने का इस मौके पर पीएम मोदी ने कई कामगारों से बात भी किया लेकिन खुद पीएम ने बहराइच के एक लाभार्थी से जब इस मौके पर पीएम मोदी ने लाभार्थी से पूछा कि आप मुझे क्या दोगे ये सुनकर लाभार्थी का जवाब आया कि आप जीवन भर देश के प्रधानमंत्री बने रहे ऐसा  आशिर्वाद मैं दे सकता हूँ  लेकिन थोड़ी देर में ही इससे पर्दा उठ गया जब पीएम ने मांगा कि वो अपने बच्चों को तबतक पढ़ाई करवायेगा जबतक वो पढ़ाई करना चाहेंगे। लेकिन इस तरह की बाते सुनकर यही लगता है कि पीएम मोदी देश की जनता के बारे में कितना ध्यान रखते हैं।

चायवाला हूँ रस्क क्या होता है जानता हूँ

इस तरह जब पीएम मोदी जब संतकबीर नगर में बेकरी उद्योग चलाने वाले अमरेंद्र से बात कर रहे थे तो उन्होने पूछा की आप बेकरी में क्या बनाते हैं, अमरेंद्र तो जवाब दिया की वो रस्क बनाते हैं जिसे सुनकर पीएम ने तुरंत कहा कि वही न जो चाय के साथ खाया जाता है। इसके साथ ही पीएम बोले कि वो चायवाले हैं उन्हे अच्छी तरह से पता है कि रस्क क्या होता है हालाकि इस बीच उन्होने गुरूमंत्र भी देते हुए बताया कि जो आज बड़े दिखते हैं उन्होने भी कभी छोटे स्तर से ही काम की शुरूआत की थी। जैसे आप लोग कर रहे हैं और देश को आत्मनिर्भर बना रहे हैं।

बिहार की बेटी से पूछा कि कोई शिकायत है मुझसे

इसी तरह जब श्रमिक रोजगार योजना की शुरूआत पीएम मोदी ने की थी तब उन्होने बिहार की रहने वाले एक महिला से पूछा  आपको लगता होगा कि लॉकडाउन लगाकर मैने आप के साथ गलत किया, कुछ तो शिकायत इन दिनो आप की होगी।  लेकिन महिला का जवाब यही आया नही आप के रहते ही कोरोना माहामारी से हम बचे हैं तो हमें गांव वापस आने पर काम भी मिल रहा है जिससे हमारी आजीविका चल रही है। पीएम मोदी जी की इस बेबाकी से सीधे जनता से बात करने से ये साफ होता है कि वो कैसे हर समय हमारे बारे में ही सोचते रहते हैं।

जलौन के दीपू को क्या कहा कि वो भावुक हो गये

हैदराबाद से आये जलौन निवासी दीपू की जब पीएम मोदी से सीधी बात हुई तो दीपू ने बताया कि वो पहले हैदराबाद में रहता था ऐसे में पीएम मोदी ने उससे बोला कि तब तो तुम्हे जलौन में लोग दीपू गारू कह कर पुकारते होंगे ये सुनकर पहले तो वो कुछ समझ नही पाया हालाकि बाद में जब उसे समझ में आया त वो काफी भावुक हो गया उसका कहना था कि उसने सपने में भी नही सोचा था कि कभी पीएम उसके साथ ऐसे बात कर सकते हैं।

नागेंद्र प्रसाद से क्या सीखने को कहा पीएम मोदी ने

इसी तरह जब पीएम मोदी गोरखपुर के गांव में रहने वाले नागेंद्र प्रसाद से बात कर रहे थे तो उन्होने बताया कि कैसे वो गुजरात से आकर यहां पर अब डेरी का काम शुरू किया है। इस पूरी कहानी को सुनकर पीएम मोदी बोले की ऐसे ही लोगो से हमे और राज्य सरकारो को सीखना है कि कैसे विपदा को हम अवसर में बदल सकते हैं जैसा की नागेंद्र ने कर के दिखाया है।

मतलब साफ है कि इन 6 सालों में पीएमओ और जनता की बीच की दूरी इतनी घट चुकी है कि अब जनता को ये लगता ही नही की देश के पीएम कोई भीआईपी सदस्य हैं क्योंकि वो ऐसे आम लोगो में घुल जाते हैं। वैसे ये सच भी है क्योंकि पीएम मोदी इन 6 सालो में कभी भी पीएम बनकर नही रहे बल्कि वो प्रधान सेवक की भूमिका में ही रहे।


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