लालकिले से किया एक और वादा पूरा करने जा रहे पीएम मोदी: सरकारी राशन में अब मिलेगा एक्स्ट्रा पोषण वाला चावल

15 अगस्त को लालकिले से पीएम मोदी ने जनता से किया एक और वादा पूरा करने जा रहे हैं। पीएम मोदी ने लालकिले से देश से बोला था कि वो कुपोषण पर कड़ा प्रहार करेंगे और इस पर अब उन्होने शुरूआत कर दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सभी सरकारी योजनाओं में अतिरिक्त पोषण-युक्त चावल यानी फोर्टिफाइड राइस का डिस्ट्रीब्यूशन करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी। इसे सार्वजनिक वितरण प्रणाली और अन्य योजनाओं के तहत तीन चरणों में लागू किया जाएगा।

 

15 अगस्त, 2021 को पीएम मोदी ने की थी घोषणा

प्रधानमंत्री ने 75वें स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त, 2021 पर अपने संबोधन में चावल के फोर्टिफिकेशन के बारे में एक घोषणा की थी ताकि देश के हर गरीब व्यक्ति को कुपोषण से मुक्ति मिल सके। साथ ही महिलाओं, बच्चों, स्तनपान कराने वाली माताओं आदि में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के लिए पोषण प्रदान किया जा सके। इससे पहले, 2019-20 से ‘सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत चावल का फोर्टिफिकेशन और इसका वितरण’ पर केंद्र प्रायोजित प्रायोगिक योजना को 3 साल की अवधि के लिए लागू किया गया था। इस पर सफलता मिलने के बाद इसे सारे देश में लागू करने की रही झड़ी कैबिनेट ने दे दी है। सरकार की माने तो इस संबंध में आपूर्ति एवं वितरण के लिए भारतीय खाद्य निगम यानी FCI और राज्यों की एजेंसियों ने पहले ही 88.65 लाख टन अतिरिक्त पोषण-युक्त चावल की खरीद कर ली है। इसे लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से अमल में लाया जाएगा और वर्ष 2024 तक चरणबद्ध तरीके से सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जाएगा। इस पर सालाना 2,700 करोड़ रुपये का खर्च आएगा जिसे केंद्र सरकार वहन करेगी।

फोर्टिफाइड चावल में क्या होता है एक्स्ट्रा

फूड फोर्टिफिकेशन चावल, दूध, नमक, आटा जैसे खाद्य पदार्थों में आयरन, आयोडीन, जिंक, विटामिन A एवं D जैसे प्रमुख खनिज पदार्थ एवं विटामिन जोड़ने या बढ़ाने की प्रक्रिया है। ‘फोर्टिफाइड’ चावल आयरन और विटामिन से युक्त होता है। इस चावल में विटामिन ए, विटामिन बी1, विटामिन बी12, आयरन, फोलिक एसिड और जिंक सभी पोषक तत्व रहते हैं। इससे लोगों की डायट में आवश्यक पौष्टिक तत्वों की पूर्ति होती है और यह कुपोषण के नियंत्रण में काफी हद तक मददगार है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, चावल की खपत वाले देशों की आबादी में आमतौर पर विटामिन A की कमी, प्रोटीन व एनर्जी आधारित कुपोषण, जन्म के समय बच्चों का कम वजन, शिशु मृत्यु दर की प्रबलता देखने को मिलती है।

यानी सरकार देश में सब स्वस्थ्य रहे और कुपोषण का दाग भारत से हटे इसके खिलाफ सरकार ने एक बड़ी जंग छेड़ दी है और ये तो सभी जानते है कि कोई ऐसी जंग नही जो मोदी सरकार जीते ना।