काशी के कार्यकताओं के साथ पीएम मोदी ने किया संवाद, दिया चुनाव में जीत का मंत्र

5 राज्यों में चुनाव की धूम खूब देखी जा रही है। हालांकि इस बार कोरोना के चलते पार्टियां खुलकर सड़को पर रैली नहीं कर पा रहे है लेकिन डिजिटल तौर पर उनकी तैयारी खूब देखी जा रही है। इस क्रम में पीएम मोदी ने आज डिजिटल तरीके से बनारस के कार्यकताओं से बात करी और उन्हे चुनाव में जीत का मंत्र दिया

पार्टी को मजबूत करने का दिया मंत्र

पीएम ने कार्यकर्ताओं से चुनाव में जीत के साथ ही पार्टी को मजबूत बनाने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि यूपी की सभी जनता को एक-एक वोट की ताकत बतानी है। मैं और यूपी के मुख्यमंत्री योगी जी इसलिए ही इतना काम कर पा रहे हैं क्योंकि जनता का खूब प्यार मिला है। कार्यकर्ताओं से कहा कि चुनाव कार्यकर्ता के लिए ट्रेनिंग कैम्प होता है। इस दौरान काफी कुछ सीखने को मिलता है साथ ही नए लोगों को जोड़ने और गढ़ने का मौका मिलता है। चुनाव जीतना तो एक विषय होता है कार्यकर्ता का विस्तार होना चाहिए।

हर बूथ के बीच हो प्रतियोगिता

उन्होंने पार्टी को मजबूत बनाने के लिए भी मंत्र दिया। कहा कि हम हर बूथ की बीच कंपटीशन करें। ये प्रतियोगिता 30 जनवरी तक हो जानी चाहिए। आप सभी को मालूम है कि नमो एप पर माइक्रो डोनेशन किया जा सकता है। पांच रुपये भी पार्टी को दान कर सकते हैं। प्रतियोगिता यह हो कि कौन सा पोलिंग बूथ ज्यादा से ज्यादा डोनेशन करा सकता है। विश्वास है कि हर पोलिंग बूथ पर पांच -दस रुपये अधिकतम लोगों से कराएंगे।

कमल पुष्‍प की चर्चा

नमो एप में कमल पुष्प की व्यवस्था है। हम आज जहां पहुंचे है वहां तक आने में जनसंघ की कई पीढ़ी खप गयी। कमल पुष्प में ऐसे लोगें को याद करके उनके बारे में बताएं उनकी फोटो लगाएं। वो लोग भाजपा को आगे बढ़ाने में कितना कष्ट उठाते थे यह बातें कमल पुष्प में रखना चाहिए। वाराणसी में जनसंघ के जमाने के हर लोगों तक हमारी बात पहुंचनी चाहिए। पीएम ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव को बढ़-चढ़कर मनाना चाहिए।

बैठक का एक सीधा सा मतलब यही निकलता है कि पीएम मोदी ने अपने कार्यकताओं को सीधे जनता के बीच में जाने को बोला है। वैसे भी पीएम मोदी हर बैठक में ये कहते हुए दिखाई देते है कि लोकसभा का सदस्य हो या फिर विधानसभा सभी को जनता के बीच जरूर जाना चाहिये, इससे एक तो क्या दिक्कते जनता को हो रही है वो पता चलता है तो जनता के बीच सरकार का विश्वास और मजबूत होता है। अब देखना ये होगा कि पीएम मोदी का ये मंत्र चुनाव के इस दौर में कितना कारगर साबित होता है और क्या सत्ता में एक बार फिर से कमल खिलाता है।