नमक का मतलब बताकर पीएम मोदी ने ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ की शुरूआत की

भारत को आजादी यूं ही नही मिल गई थी, इसके लिये हजारों लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी तो हजारो लोगों को न जाने कितना वक्त जेल में गुजारना पड़ा जिसके बाद आज हम खुले आसमान में जी रहे है। देश अपनी आजादी के 75 साल जल्द ही पूरे करने वाला है और इस मौके पर देश में जश्न का माहौल है इसको और ज्यादा बढ़िया बनाने के लिये केंद्र सरकार 12 मार्च 2021 से 15 अगस्त 2022 तक देश के 75 स्थानों पर ‘आजादी का अमृत महोत्सव मनाने जा रही है जिसकी शुरूआत दांडी मार्च के दिन से पीएम मोदी ने साबरमती आश्रम से ही की। इस दौरान पीएम ने देशवासियों को संदेश दिया कि अब आजाद भारत को कैसे दुनिया का सबसे बेहतर मुल्क बनाना है

पीएम मोदी ने समझाया नमक का मतलब

कहते है कि किसी राष्ट्र का भविष्य तभी उज्जवल होता है जब जब वो अपने अतीत के अनुभवों और विरासत के गर्व से पल पल जुड़ा रहता है। आज के युवा इससे जुड़े इसे जाने इसके लिये ही ये महोत्सव मनाया जा रहा है। वैसे भी भारत के पास तो गर्व करने के लिए अथाह भंडार है, समृद्ध इतिहास है, चेतनामय सांस्कृतिक विरासत है। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, ‘हमारे यहां नमक को कभी उसकी कीमत से नहीं आंका गया। हमारे यहां नमक का मतलब है- ईमानदारी ,विश्वास और वफादारी है।’  उन्होंने आगे कहा, ‘हम आज भी कहते हैं कि हमने देश का नमक खाया है। ऐसा इसलिए नहीं क्योंकि नमक कोई बहुत कीमती चीज है। ऐसा इसलिए क्योंकि नमक हमारे यहां श्रम और समानता का प्रतीक है।’

आज हम इतिहास का हिस्सा भी बन रहे हैं पीएम

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, ‘हम सभी का सौभाग्य है कि हम आजाद भारत के इस ऐतिहासिक कालखंड के साक्षी बन रहे हैं। आज दांडी यात्रा यात्रा की वर्षगांठ पर हम बापू की इस कर्म स्थली पर इतिहास बनते भी देख रहे हैं और इतिहास का हिस्सा भी बन रहे हैं। जब हम ब्रिटिश शासन के युग के बारे में सोचते हैं जब करोड़ों लोग स्वतंत्रता की प्रतीक्षा कर रहे थे, तो यह स्वतंत्रता के 75 वर्षों के उत्सव को और भी महत्वपूर्ण बना देता।

आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल को आगे बढ़ाना है

पीएम मोदी ने इस दौरान देशवासियों से बोला कि हमें आजादी के 75 साल में आत्मनिर्भर भारत के सपने के सकार करना है। इसके लिये हर भारतवासी को भारत में तैयार हुए सामान को जरूर खरीदना चाहिये। इसके साथ साथ साबरमती आश्रम में एक अनोखा चरखा लगाया गया जो आत्मनिर्भरता से जुड़े हर एक ट्वीट के साथ घूमेगा। जो ये बतायेगा कि भारत के लोग तेजी के साथ इस मुहीम से जुड़ रहे है। ऐसे में फिर देर नही करना चाहिये तेजी के साथ इस मुहीम से जुड़ना चाहिये।

देश में फैसटिवल सीजन अभी बहुत दूर है लेकिन इसके बावजूद भी देश में जश्न का एक अलग सा फेस्टिवल चलता जायेगा और वो इस लिये क्योकि देश आजादी के 75 वे साल में हर वो पल को जीना चाहता है जिसे आजादी के वक्त सिर्फ देश पर शहीद होने वालो ने जिया था।