ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली सिंधु से पीएम मोदी ने आखिर पूरा कर ही दिया वादा

वादा निभाना अगर कोई सीखे तो वो पीएम मोदी से, फिर वो सत्ता में आने के बाद किये गये चुनावी वायदे हो या फिर निजीतौर पर किये वायदे। पीएम मोदी उन्हे पूरा करने में पल भर का भी समय नहीं लगाते है। ऐसा ही एक वादा उन्होने बैडमिंटन की मशहूर खिलाड़ी पीवी सिंधु से किया था जिसे उन्होने आज पूरा किया।

आइसक्रीम खिलाकर पीएम मोदी ने वादा निभाया

ओलंपिक में भारत का मान मनाने वाले खिलाड़ियों ने पीएम मोदी ने अपने घर पर मुलाकात कि और खिलाडियों का उत्साह भी बढ़ाया। खुद पीएम मोदी ने एक एक खिलाड़ी से मुलाकात की और उनके बारे में हालचाल लिया। इस बीच पीएम मोदी ने खिलाड़ी पीवीसिंधु से किया वादा भी पूरा किया जिसमें उन्होने वादा किया था कि आप जब विजय होकर आयेगी तो मैं आपक आइसक्रीम खिलाऊंगा और आज उन्होने ये वादा पूरा कर दिया। गौरतलब है कि ओलंपिक में जाने से पहले पीएम मोदी ने पीवी सिंधु से बात करते हुए सवाल किया था कि आप को आइसक्रीम बहुत अच्छी लगती है लेकिन सुना है कि अपनी फिटनेस बनाये रखने के लिये बहुत दिन से आइसक्रीम नही खाई है ऐसे में आप जल्द से जीतकर भारत आये फिर साथ में मिलकर आइस्क्रीम खाई जायेगी और आज इस वादे को पीएम मोदी ने पूरा कर दिया। इस बार पीवी सिंधु ने कांस्य पदक जीत कर टोक्यो ओलंपिक में भारत का मान बढ़ाया था। इसी तरह पीएम मोदी ने गोल्ड बॉय नीरज चोपड़ा का भी गर्मजोशी से स्वागत किया। साथ में दूसरे खिलाड़ियों का भी जोश दोगुना किया।

लालकिले से पीएम मोदी ने की खिलाड़ियों की सराहना

इससे पहले दिन में देश के 75वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से अपने संबोधन में खिलाड़ियों की सराहना करते हुए उन्हें सलाम किया। पीएम मोदी ने देश से अपील की कि ‘वे इन एथलीटों की उपलब्धियों के लिए उनकी सराहना करें।’ इस दौरान ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा, रजत पदक विजेता मीराबाई चानू, पुरुष और महिला हॉकी टीमें, उनका सहायक स्टाफ और भारतीय खेल प्राधिकरण के अधिकारी सहित 240 ओलंपियंस प्रधानमंत्री का संबोधन सुनने के लिए लाल किले पर मौजूद रहे। इस दौरान उन्होने सभी से तालिया बजाकर इन लोगों का स्वागत करने की अपील की और खुद भी इसमें शामिल हुए।

पीएम मोदी की तरफ से जिस तरह से पहली बार ओलंपिक खिलाडियों का सम्मान हुआ है वो शायद पहले कभी भी नहीं हुआ होगा। इससे पहले पीएम मोदी ने ओलंपिक के दौरान खिलाडियों से सीधे बात करके उनका जोश बढ़ाया था। जिससे यही प्रतीत होता था कि पीएम मोदी पीएम नहीं बल्कि एक अभिभावक की भूमिका निभाते है।