वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम के मंच से ताकतवर, बदलते भारत के दर्शन करवाते पीएम मोदी

वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम के जरिए पीएम मोदी ने एक बार फिर दुनिया के सामने एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत की छवि रखी। पीएम मोदी ने जहां एक ओर ये बताया कि दुनिया भारत पर आज भरोसा कर रही है तो दुनिया के देशों के लिए भारत में निवेश करने का ये सबसे अच्छा मौका भी है। इतना ही नहीं उन्होने बताया कि भारत ने जलवायु परिवर्तन को लेकर जो वादा दुनिया से किया उसे पूरा भी कर रहा है।

जलवायु चुनौती से निपटने में प्रतिबद्ध भारत

पीएम मोदी ने विश्व को बताया कि आज दुनिया की 17 फीसदी आबादी भारत में बसती है। भले ही वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में भारत का योगदान महज 5 फीसदी है लेकिन जलवायु चुनौती से निपटने को लेकर देश की प्रतिबद्धता 100 फीसदी है। बीते वर्षों के प्रयासों का नतीजा है कि आज हमारे एनर्जी मिक्स का 40 प्रतिशत हिस्सा नॉन फॉसिल सोर्सेज से आ रहा है। भारत ने पेरिस में जो ऐलान किया था, वह हम टारगेट से 9 साल पहले ही प्राप्त कर चुके हैं। पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत वर्तमान के साथ ही अगले 25 वर्षों के लक्ष्य को लेकर नीतियां बना रहा है, निर्णय ले रहा है। इस कालखंड में भारत ने हाई ग्रोथ के, कल्याण और वेलनेस की परिपूर्णता के लक्ष्य रखे हैं। ग्रोथ का ये कालखंड ग्रीन भी होगा, क्लीन भी होगा, टिकाऊ भी होगा, भरोसेमंद भी होगा।

भारत में निवेश का यह बेस्ट टाइम

पीएम मोदी ने दुनिया को बताया कि  भारत में इन्वेस्टमेंट का यह सबसे बेस्ट टाइम है। भारतीय युवाओं में आज एंटरप्रेन्योरशिप एक नई ऊंचाई पर है। 2014 में जहां भारत में कुछ सौ रजिस्टर्ड स्टार्ट अप थे, वहीं आज इनकी संख्या 60 हजार के पार हो चुकी है। इसमें भी 80 से ज्यादा यूनिकॉर्न्स हैं, जिसमें से 40 से ज्यादा तो 2021 में ही बने हैं। पीएम ने कहा, भारत दुनिया में रिकॉर्ड सॉफ्टवेयर इंजीनियर भेज रहा है। 50 लाख से ज्यादा सॉफ्टवेयर डेवलपर भारत में काम कर रहे हैं। आज भारत में दुनिया में तीसरे नंबर के सबसे ज्यादा यूनिकॉर्न्स हैं। 10 हजार से ज्यादा स्टार्ट-अप्स पिछले 6 महीने में रजिस्टर हुए हैं। आज भारत के पास विश्व का बड़ा, सुरक्षित और सफल डिजिटल पेमेंट्स प्लेटफॉर्म है। सिर्फ पिछले महीने की ही बात करें तो भारत में यूपीआई के माध्यम से 4.4 अरब ट्रांजेक्शन हुए हैं।

इसके साथ पीएम मोदी ने फिर से वैश्विक मंच से अपनी बात रखते हुए बोला कि आज वक्त बदल चुका है। ऐसे में वैश्विक मंचो को भी अपने पुराने नियम कानून से बाहर आना चाहिये जिससे स्थिति बेहतर हो सके। इतना ही नही उन्होने बोला कि भारत आज कोरोना से निपटने के लिये जिस तरह से दुनिया के साथ मिलकर काम कर रहा है उसकी तारीफ विश्व में हो रही है जो भारत की आत्मनिर्भरता की ताकत को बताता है।