चार्ज ले रहे मंत्रियों को पीएम मोदी ने दिया अपने अनुभवों का मंत्र

मोदी मंत्रिपरिषद के नए मंत्री शपथ के बाद अपना कार्यभार संभाल रहे हैं। लेकिन इसके पहले विभाग की जिम्मेदारी कैसे ठीक तरीके से निभाई जाये इसके लिये पीएम मोदी ने अपने नये नवेले युवा साथियों को कुछ मंत्र दिया है। पीएम मोदी ने संकल्प दिलाते हुए इशारों में ही यह भी बता दिया कि वो अपनी टीम में शामिल होने वालों से क्या-क्या उम्मीद करते हैं। चूंकि प्रधानमंत्री ने नौकरशाहों से लेकर सामान्य कर्मचारियों तक को अपने दायित्वों के प्रति काफी संवेदनशील रहने की हिदायत दे रखी है तो उनका पहला दायित्व तो अपनी कोर टीम यानी मंत्रिपरिषद के सदस्यों के लिए भी ‘लक्ष्मण रेखा’ खींचने का बनता ही है। यही वजह है कि पीएम ने नए मंत्रियों के लिए एक नहीं बल्कि तीन-तीन लक्ष्मण रेखाएं खींच दीं। आइए जानते हैं मोदी ने अपने नए मंत्रियों कौन सी हिदायतें दी हैं।

 

भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं

पीएम मोदी ने अपने पहले कार्यकाल में ही ‘ना खाएंगे और ना खाने देंगे’ का नारा दिया था। दरअसल, मोदी तब प्रधानमंत्री बने थे जब बड़े-बड़े भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण देशवासियों का भरोसा यूपीए दो की सरकार से हिल गया था। वक्त की मांग थी कि मायूस जनता में शासन के प्रति फिर से भरोसा जगाया जाए। मोदी ने तब भ्रष्टाचार मुक्त शासन का वादा किया और खुद को देश का प्रधानमंत्री नहीं प्रधानसेवक और चौकीदार बताया। हालांकि विपक्ष ने उन्हें राफेल युद्धक विमान डील पर घेरने की भरपूर कोशिश की। लेकिन जिस तरह से देश की जनता को पूरा विश्वास आज भी है कि मोदी सरकार में घोटाले दूर की बात हो गये है ऐसा इस लिये भी बोला जा रहा है क्योकि पिछली सरकारो की अपेक्षा मोदी सरकार के वक्त घोटाले अब दूर की कौड़ी साबित हो रहे है तो सरकार की पारदर्शिता से आम लोगो को फायदा भी हो रहा है। ऐसे में पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कह दिया कि उनकी सरकार में करप्शन पर जीरो टोलेरेंस की पॉलिसी है।

दायित्वों को समझें, लक्ष्य को नजरअंदाज नहीं करें

पीएम मोदी इस बात का जनता के बीच खूब प्रचार करते हैं कि पहले की सरकारें योजनाएं की घोषणा कर देती थीं, शिलान्यास भी हो जाता था, लेकिन दशकों तक काम पूरा नहीं होता था। उनका कहना है कि उनकी सरकार में हर योजना के साथ उसे पूरा करने की मियाद भी तय होती है। वो चाहे गरीबों के बीच मुफ्त गैस कनेक्शन का बंटवारा हो या गांव-गांव तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य, मोदी सरकार की कई योजनाएं निर्धारित तिथि से पहले ही पूरी कर ली गईं। पीएम मोदी का दावा है कि उनकी सरकार ने न केवल पिछली यूपीए की सरकारों बल्कि और भी पुरानी सरकारों के अधूरे कार्यों को पूरा किया है। यही वजह है कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने सभी नए मंत्रियों को हिदायत दे दी कि वो 15 अगस्त से पहले दिल्ली न छोड़ें। उनसे कहा गया कि वे अपने मंत्रालय के काम के पहले अच्छे से समझ लें ताकि कभी किसी को उंगली उठाने का मौका नहीं मिले और सरकार की किरकिरी होने का मौका ही नहीं पैदा हो।

मीडिया की लाइमलाइट से बचने की भी हिदायत

वैसे पीएम मोदी कई बार देश के युवा नेताओं का ध्यान इस तरफ खीच चुके है कि मीडिया की लाइमलाइट से नेताओं को बच कर रहना चाहिये क्योकि कभी कभी ये भारी नुकसान करता है। कई बार नेता गाहे-बगाहे ऐसा बयान दे देते हैं जिससे विपक्ष और आलोचकों को बैठे-बिठाए मुद्दा मिल जाता है। प्रधानमंत्री इस बात को लेकर भी काफी संवेदनशील रहते हैं। इसी चिंता में पीएम मोदी ने नए मंत्रियों से दो टूक कहा है कि वो मीडिया के संपर्क में एक हद से ज्यादा नहीं रहें। पीएम ने हिदायत दी कि जरूरत हो तभी मीडिया से बात करें, यूं ही राह चलते मीडिया को बयान देते नहीं फिरें।

इसके साथ साथ पीएम मोदी ने सभी से बोला कि मंत्री बनने पर लोग बधाई देने आयेगे। उनका स्वागत जरूर करिये लेकिन कोरोना के नियम को मानते हुए। इतना ही नहीं उन्ह ने साफ किया कि कोई बड़े कार्यक्रम अभी नहीं किये जाये तो ज्यादा अच्छा होगा।

यानी पीएम मोदी ने साफ तौर पर अपने मंत्रियों को समझा दिया है कि मोदी कैबिनेट में जगह पाने का मतलब मजे लेना नही बल्कि पूरे जोश के साथ देश के लोगों की सेवा करना है।