भावी अफसरों को पीएम मोदी ने दिए काम करने के मंत्र

आने वाले वक्त में जिनके हाथों में नये भारत के सपने को साकार करने की कमान होने वाली है ऐसे भावी अफसरों से सरदार पटेल जी के जन्म जयंती जिसे हम ‘एकता दिवस’ के तौर पर मनाते है, ऐसे मौके पर पीएम मोदी ने बात की और उन्हे देश को बेहतर बनाने के लिये कई मंत्र भी दिये।

संकल्प सिद्धि के लिए टीम बनकर काम करें

पीएम मोदी ने सबसे पहले इन अफसरों से बात करते हुए बोला कि देश हित के लिए सभी को एक टीम के रूप में काम करना चाहिए क्योकि ऐसा करने से जब भी आप लोकहित में कोई फैसला लेंगे और काम करेंगे तो हमेशा आप सफल होगे क्योकि एक समूह में किया गया काम में कई तरह की बाते सामने आती है जिससे कार्य करने में छोटी से छोटी बातों पर ध्यान दिया जाता है और सफलता बढ़ जाती है। इससे साथ पीएम मोदी ने कहा कि एक प्रकार से सरदार पटेल ही देश की सिविल सेवा के जनक थे। 21 अप्रैल 1947 को प्रशासनिक अधिकारियों के पहले बैच को संबोधित करते हुए सरदार पटेल ने सिविल सेवा के अधिकारियों को देश का स्टील फ्रेम कहा था। स्टील फ्रेम का काम सिर्फ आधार देना, सिर्फ चली आ रही व्यवस्थाओं को संभालना ही नहीं होता, स्टील फ्रेम का काम देश को ये अहसास दिलाना भी होता है कि बड़े से बड़ा संकट हो या फिर बड़े से बड़ा बदलाव, आप एक ताकत बनकर देश को आगे बढ़ाने में सहयोग करेंगे।

मिशन कर्मयोगी कैपेसिटी बिल्डिंग कि दिशा में नया कदम

पीएम ने कहा कि पहले के समय ट्रेनिंग में आधुनिक अप्रोच कैसे आए, इस बारे में बहुत सोचा नहीं गया। लेकिन अब देश में ह्यूमन रिसोर्स की आधुनिक ट्रेनिंग पर जोर दिया जा रहा है। बीते 2-3सालों में ही सिविल सर्वेन्ट्स की ट्रेनिंग का स्वरूप बहुत बदल गया है। सरकार ने कुछ दिन पहले एक और अभियान शुरू किया है मिशन कर्मयोगी। मिशन कर्मयोगी, कैपेसिटी बिल्डिंग की दिशा में अपनी तरह का एक नया प्रयोग है। एक सिविल सेवा अधिकारी के लिए सबसे पहले जरूरी है कि आप देश के सामान्य मानवी से निरंतर जुड़े रहें। जब आप लोगों से जुड़े रहेंगे तो लोकतंत्र में काम करना और आसान हो जाएगा। फील्ड में लोगों से कट-ऑफ कभी मत कीजिए।

जनता जनार्दन ही असली ड्राइविंग फोर्स

इसके साथ साथ पीएम ने अफसरों से को एक मंत्र और दिया और वो मंत्र था कि कोई भी काम किया जाये उसका सीधा फायदा जनता तक पहुंचना चाहिये। जनता केवल सरकार की नीतियों की प्रोग्राम्स की रिसीवर नहीं है, जनता जनार्दन ही असली ड्राइविंग फोर्स है। इसलिए हमें गवर्नमेंट से गवर्नेंस की तरफ बढ़ने की जरूरत है। अगले पचीस सालों में रक्षा सुरक्षा और गरीब महिला कल्याण के साथ साथ भारत को विश्व गुरू बनाने का दायित्व आप पर ही है।

दिखास और छपास से रहना चाहिए दूर

नये अफसरों से बात करते हुए पीएम ने ये भी साफ किया कि आप जब कोई बेहतर काम करेंगे तो आपकी तारीफ बी मीडिया में होगी। लेकिन ऐसे में आपको ज्यादा सतर्क रहना है क्योकि अक्सर देखा गया है कि जिसे दिखास और छपास की आदत लग जाती है वो फिर ठीक तरह से काम नही करता ऐसे में इस रोग से जितना दूर रहेगे उतना ही आप सफल अधिकारी बनकर निखर सकेंगे जिससे देश का विकास तेजी से हो सकेगा।

पीएम मोदी जब ये सब मंत्र आने वाले भावी अफसरों को दे रहे थे तो ये अफसर भी बड़ी गंभीरता से उनकी बात सुन रहे थे और ऐसा इस लिये हो रहा था क्योकि पीएम मोदी प्रधानमंत्री कम और एक टीचर ज्यादा लग रहे थे जो अपने बच्चों को ये बताने में लगे थे कि कैसे देश के विकास के आप काम कर सकते है।