पीएम मोदी ने दिया काशी विश्वनाथ धाम के कर्मचारियों को खूबसूरत तोहफा

काशी विश्वनाथ मंदिर के सेवादार और पुलिस कर्मी बिना जूतों के अपनी ड्यूटी कर रहे थे लेकिन नंगे पैर रहने का दर्द पीएम मोदी को हो रहा था तभी तो उन्होने आज उन लोगों के लिए 100 जोड़ी जूट के जूते भेजे है जो ये बताता है कि पीएम मोदी अपने संसदीय क्षेत्र के लोगों की सुध किस तरह से रखते है।

बाबा विश्वनाथ धाम के सेवादारों को पीएम मोदी ने भेजा जूट के जूते

वैसे पीएम मोदी देश की पल पल की खबरों से अवगत रहते है लेकिन जैसे ही उन्हे पता चला कि काशी विश्वनाथ धाम के सेवादार और पुलिस कर्मचारी वहां बिना जूता पहने ड्यूटी करते है और वो इस लिये क्योकि मंदिर परिषद में रबर या लेदर के इस्तेमाल पर रोक है इसलिये कड़ाके की ठंड में भी उन्हे नंगे पैर रहना पड़ता है। ये बात पीएम मोदी को पता चली तो उन्होने इसका समाधान निकालते हुए परिषद में तैनात हर सेवादार के लिये जूट से बने जूते भेजे जिसे पाकर वहां के सभी लोगों का चेहरा खिल उठा। वैसे ये पहला मौका नही है जब पीएम इस तरह से लोगों की सहायता करते आये है।  ऐसे में तो ये कहावत बिल्कुल ठीक बैठती है कि ‘जाके पाँव न फटी बिवाई, वो क्या जाने पीर पराई’ अर्थात् जब तक खुद को दर्द ना हो तब तक दूसरे के दर्द की तीव्रता का एहसास नहीं हो पाता है और पीएम मोदी हम सबके बीच से ही देश के इतने बड़े पद पर विराजमान हुए हैं तभी उनको दूसरो के दर्द में दर्द महसूस होता है।

रैली के दौरान भी लोगों का रखते है पूरा ध्यान

इसी तरह पीएम मोदी किसी भी आयोजन में हो वो आम जनता का भी उसमे पूरा पूरा ध्यान रखते है जिससे यही लगता है कि वो हर आय़ोजन में आये लोगों का स्वागत मेहमानो की तरह करते हो। अगर कोई खंबों पर चढ़ जाता है या फिर भीड़ के चलते किसी दिक्कत में होता है तो वो अपनी मेडिकल टीम से उसकी मदद करते हुए कई बार देखे गये है। ऐसे में कुछ लोग इसे चुनावी ड्राम कहते है लेकिन अगर सियासत के चश्मे से हटाकर पीएम मोदी को जानने की कोशिश करोगे तो ये साफ पता चलेगा कि पीएम मोदी एक आम इंसान ही है जो आम जीवन जीने में ज्यादा पंसद करते हैं।

इसी वजह से तो आज उनका देश की जनता से सीधे संवाद रहता है। क्योकि वो पीएम कम प्रधानसेवक बनकर रहते है और जब काशी की बात आती है तो वो पहले ही कहते नजर आये है कि यहां जो कुछ होता है वो तो महादेव का ही आशिर्वाद है।

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