निरंतर 20 साल से जनता की सेवा में लगे पीएम मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी ने संवैधानिक पदों पर रहते हुए 20 साल पूरे कर लिए। पिछले 7 सालों से प्रधानमंत्री पद को संभाले नरेंद्र मोदी, इससे पहले 13 सालों तक लगातार गुजरात के मुख्यमंत्री रह चुके थे। 7 अक्टूबर, 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप कार्यभार संभाला था, जब उन्हें तत्कालीन सीएम केशुभाई पटेल के स्वास्थ्य कारणों की वजह से पद दिया गया था। इसके बाद उनके नेतृत्व में तीन बार लगातार राज्य में सरकार बनी। इतना ही नहीं पीएम मोदी देश के पहले पीएम है जो आजाद भारत में पैदा हुए पहले पीएम है। इसके साथ  नरेंद्र मोदी ने कभी चुनावी हार का सामना नहीं किया पिछले 7 सालों में प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए उन्होंने कुछ बड़े फैसले लिए, जो देश भर में चर्चा का विषय बनी और कुछ विवादों में भी रहे।

नोटबंदी का फैसला

पीएम मोदी ने 8 नवंबर 2016 को अचानक 500 और 1,000 रुपए के उस समय चलन में जारी नोटों को बंद करने का ऐलान किया था। रात 8 बजे अपने संबोधन में उन्होंने इसके पीछे काला धन को खत्म करने और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम बताया था। सरकार ने इसके बदले 500 रुपए और 2,000 रुपए के नए नोट जारी किए थे। सरकार के अचानक लिए गए फैसले के बाद, देश भर में लोगों को बंद किए गए नोटों को बैंक में जमा कराने या उनके स्थान पर नए नोट लेने के लिए कई दिनों तक बैंकों के बाहर लंबी कतारों में खड़ा होना था। सरकार ने बाद में बताया कि उस समय प्रचलन में रहे 500 और 1,000 रुपए के 15.41 लाख करोड़ रुपए के नोटों में से 15.31 लाख करोड़ रुपए के नोट सरकार के पास वापस आ गए।

2016 का सर्जिकल स्टाइक

18 सितंबर 2016 को जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में हुए भारतीय सेना के मुख्यालय पर आतंकवादियों ने हमला किया था, जिसमें 18 जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद पीएम मोदी ने हाई लेवल बैठक कर इसका बदला लेने का फैसला किया था। 28 सितंबर 2016 जवाबी कार्रवाई करते हुए भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर  स्थित आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाते हुए सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया।

2019 का बालाकोट एयरस्ट्राइक

14 फरवरी, 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आत्मघाती बम हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 40 जवान मारे गए थे। इसके 12 दिन बाद, 26 फरवरी को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने नियंत्रण रेखा  पार कर पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकवादी लांचिंग पैड को तबाह कर दिया था। वायुसेना ने इस ऑपरेशन के दौरान आंतकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े प्रशिक्षण शिविर पर बम बरसाए थे। इस संगठन ने पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले की जिम्मेदारी ली थी।

जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को खत्म किया

अपने दूसरे कार्यकाल में, 5 अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने संविधान के अनुच्छेद-370 को निरस्त कर जम्मू-कश्मीर से विशेष दर्जा वापस ले लिया था। इसके बाद उसने तत्कालीन राज्य को विभाजित कर दो केंद्रशासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का गठन किया था। हिंसा और विरोध की आशंका को देखते हुए सरकार ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्रियों, बड़ी संख्या में राजनेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया था और इंटरनेट बंद कर दिया था। राज्य में लंबे समय तक 4जी इंटरनेट बंद रहा था। जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को रद्द करने के केंद्र के फैसले की संवैधानिक वैधता को सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती दी गई है।

तीन तलाक’ को खत्म करने के लिए कानून

30 जुलाई 2019 को संसद से ‘तीन तलाक’ के खिलाफ कानून पारित किया गया। इसे सरकार ने मुस्लिम महिला विधेयक, 2019 नाम दिया था। प्रधानमंत्री मोदी ने कानून पारित होने के बाद कहा था कि यह विधेयक मुस्लिम महिलाओं की गरिमा को सुनिश्चित करने और उसे अक्षुण्‍ण रखने के लिए उठाया गया एक ऐतिहासिक कदम है। उन्‍होंने कहा था कि यह बिल मुस्लिम महिलाओं के जीवन में आशा और सम्मान का एक नया युग लाएगा। सरकार ने कानून के एक साल पूरा होने के बाद दावा किया था कि ‘तीन तलाक’ की घटनांओं में 82 फीसदी से ज्यादा की कमी आई है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020

प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 29 जुलाई 2020 को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को मंजूरी दी थी। इसे यह 34 साल पुरानी राष्ट्रीय शिक्षा नीति  1986 की जगह लाया गया था। केंद्र सरकार के मुताबिक, एनईपी 2020 का लक्ष्य व्यवसायिक शिक्षा सहित उच्चतर शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात को 26.3 प्रतिशत (2018) से बढ़ाकर 2035 तक 50 प्रतिशत करना है। उच्चतर शिक्षा संस्थानों में 3.5 करोड़ नई सीटें जोड़ी जाएंगी। इसके अलावा स्कूल के पाठ्यक्रमों को व्‍यावहारिक जानकारियों से लैस किया जाएगा।

देशव्यापी लॉकडाउन का फैसला

पिछले साल कोरोना महामारी आने के बाद 24 मार्च, 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशव्यापी लॉकडाउन लगाने की घोषणा कर दी थी। 22 मार्च, 2020 को 14 घंटे की ‘जनता कर्फ्यू’ के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने 21 दिनों के लिए देश में संपूर्ण लॉकडाउन का ऐलान किया था। जब लॉकडाउन की घोषणा हुई थी, उस वक्त देश में कोरोना वायरस के कुल 536 मामले थे। ये फैसला काफा विवादित रहा था। शहरों में काम बंद होने की वजह से गांवों और अपने घरों की तरफ हजारों लोग पैदल पलायन कर गए थे। इस दौरान कई लोगों ने अपनी जान भी गंवाई। लॉकडाउन के दौरान आवश्यक सेवाओं के लिए ट्रांसपोर्ट को छोड़कर सभी तरह की यातायात सुविधा- सड़क, रेल, हवाई यात्रा सब बंद कर दी गई थी।

ये काम तो पीएम रहते हुए पीएम मोदी ने किया है इससे पहले गुजरात के सीएम रहते उन्होने गुजरात की भलाई के लिये कई बड़े काम किये खासकर भूकंप के बाद जिस तरह से उन्होने गुजरात को संवारा वो एक इतिहास बन गया। साबरमती नदी का कायाकल्प हो या फिर गुजरात के समंदर का इस्तेमाल हर तरह से उन्होने गुजरात को नये कलेवर में डाला था इसमें सबसे खास बात ये भी है कि पीएम मोदी पिछले 20 साल से बिना अवकाश लिये लगातार जनहित के लिये काम करते आये है और हमारी कामना है कि वो ऐसे ही देश के उज्जवल भविष्य को बनाने के लिये काम करते रहे।