जनता की आस को टूटने नहीं देते पीएम मोदी, उनके पास लगाई गुहार को तुरंत करते हैं पूरा

पहले जनता और पीएम के बीच में एक खाई हुआ करती थी। लेकिन बीते सात सालों में जनता और पीएम के बीच किसी तरह की कोई खाई नहीं है और इसके पीछे सिर्फ एक कारण है खुद पीएम मोदी जिन्होंने पीएम रहते भी पीएमओ और अपने घर के दरवाजे हर एक आम आदमी के लिए खोल रखे हैं। जिससे वो सीधे देश की जनता से रूबरू होते हैं तो उनकी समस्या का सीधे समाधान भी करते हैं। कुछ ऐसा ही उन्होंने ग्वालियर की चाट का ठेला लगाने वाली अर्चना के साथ भी किया।

टिक्की का ठेला लगाने वाली अर्चना के खाते में भेजा 50 हजार की मदद

ग्वालियर में टिक्की का ठेला लगाने वाली अर्चना शर्मा को प्रधानमंत्री कार्यालय से पचास हजार रूपए की आर्थिक मदद भेजी गई है। पीएम स्वनिधि योजना के तहत टिक्की का ठेला शुरू करने वाली अर्चना शर्मा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नौ सितंबर 2020 को वीडियो के जरिए बात की थी। अर्चना से कहा था कि कोई परेशानी हो तो चिटठी लिखना, मैं टिक्की खाने आउंगा। इसके बाद पति की तबीयत खराब होने लगी और लॉकडाउन आ गया तो अर्चना ने ठेला बंद कर दिया। पति की तबीयत ज्यादा खराब हो गई थी और वह पति के इलाज में कर्जदार भी हो गई। अर्चना ने ठेला दोबारा शुरू किया लेकिन गुजारा नहीं हो रहा था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीम अर्चना के घर पहुंची और दस्तावेज जुटाए। इसके बाद अर्चना के खाते में पीएमओ की ओर से पचास हजार रूपए की आर्थिक मदद भेजी गई है। इस मदद से अर्चना ने अपना कर्ज भी लगभग न के बराबर कर लिया और अब वह और उसका परिवार राहत की सांस ले रहे हैं।

ग्वालियर में टिक्की का ठेला लगाने वाली अर्चना के खाते में प्रधानमंत्री ने भेजी 50 हजार की मदद

इससे पहले भी पीएम मोदी सीधे लोगों की मदद करते रहे हैं

इसी तरह पीएम मोदी पहले भी देश की जनता से सीधे संवाद भी करते रहै हैं तो सीधे उनकी मदद भी करते हैं। जिस तरह से पीएम मोदी ने अर्चना की मदद की थी ठीक इसी तरह उन्होंने आगरा की एक महिला की मदद की जब वो एक समारोह में पीएम से बात कर रही थी। और उन्होंने पीएम मोदी से अपने जर्जर मकान की कहानी बताई और कुछ देर में ही आगरा के डीएम उन तक मदद लेकर पहुंचे जिसके बाद पक्का औऱ खूबसूरत मकान वहां बनकर तैयार हो पाया। ठीक इसी तरह जब सिंधुदुर्ग में रहने वाली स्वप्नाली सुतार की न्यूज़ आप तक पहुंचाई थी। सिंधुदुर्ग में इंटरनेट कनेक्टिविटी ना होने की वजह से स्वप्नाली को घर से 2 किलोमीटर दूर पहाड़ की चोटी पर जाकर पढ़ाई करनी पड़ रही थी। पढ़ाई में कोई बाधा ना आए इसके लिए स्वप्नाली ने वहां एक छोटी सी झोपड़ी भी बनाई थी। दिन भर स्वप्नाली वहीं पढ़ाई करती थी और फिर शाम को घर लौट आती थी। पढ़ाई के लिए स्वप्नाली के जज्बे को देखते हुए पीएमओ ने भी स्वप्नाली की मदद करने का फैसला किया। पीएमओ ने स्वप्नाली सुतार के गांव में इंटरनेट कनेक्टिविटी शुरू करवाई है। अब वह अपने घर में ही बैठकर पढ़ाई कर सकती हैं। स्वप्नाली के गांव के लोग भी काफी खुश हैं क्योंकि स्वप्नाली की वजह से उन्हें भी इंटरनेट की सुविधा का लाभ मिल रहा है। इसी क्रम में जब एक मुस्लिम लड़की को आगे की पढ़ाई के लिये लोन सिर्फ इसलिये नही मिल रहा था क्योंकि उसका पुराना लोन बाकी था। तब उससे आगे के पढ़ाई के लिये पीएम मोदी से गुहार लगाई और महज 10 दिन के भीतर लड़की को बैंक से लोन मिल गया।

ये खबरें साफ तौर पर ये बताती हैं कि पीएम और देश की जनता के बीच आज एक अजीब तरह का विश्वास है पीएम मोदी को ये विश्वास है कि अगर वो जनता से कुछ करने के लिये बोलते हैं तो जनता तुरंत उसे करने के लिये जुट जाती है ठीक इसी तरह जनता को विश्वास है कि अगर पीएम से कुछ गुहार लगाई जाती है तो वो उसे पूरा करने में जुट जाते हैं।