पीएम मोदी ने यूक्रेन मुद्दे पर आठवीं बार बुलाई खास बैठक, रूस ने अपनी सीमा पर भारतीय लोगों के लिये लगाई 130 बसें

यूक्रेन युद्ध के बीच भारतीय छात्रों को सुरक्षित निकालने के लिये पीएम मोदी ने आठवीं बार फिर उच्च स्तरीय बैठक की है इस दौरान उन्होंने निकासी अभियान की प्रगति की समीक्षा की। और ताजा जानकारी हसिल करी। उधर रूस ने भी भरत को भरोसा दिया है कि वो भारतीयों को निकालने में उनकी बदद करेगा।

 

हजारों नागरिकों को वापस लाया गया

भारतीय वायु सेना के तीन और सी-17 विमान ऑपरेशन गंगा के तहत रोमानिया और हंगरी के हवाई क्षेत्रों का इस्तेमाल करते हुए यूक्रेन से 630 भारतीय नागरिकों को लेकर कल देर रात और शुक्रवार की सुबह हिंडन एयरबेस पर लौटे हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यूक्रेन से अब तक 9,000 से अधिक नागरिकों को भारत वापस लाया जा चुका है। वहां नागरिकों को कोई दिक्कत ना आए, इसके लिए भारतीय दूतावास काम कर रहे हैं। उन्होंने भारतीय नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं

भारत ने बातचीत को जरूरी बताया

निकासी अभियान के बीच ही भारत ने वैश्विक स्तर पर अपना पक्ष भी साफतौर पर रखा है। भारत ने इस युद्ध पर चिंता जताते हुए बातचीत को जरूरी बताया है। ताकि समस्या का जल्द से जल्द निपटारा हो सके। इसके अलावा भारत संयुक्त राष्ट्र में रूस के खिलाफ होने वाले मतदान से भी दूर रहा है। इस बीच भारत ने तत्काल सीजफायर करने के लिए भी कहा है। इसके अलावा गुरुवार को पीएम ने क्वाड देश के नेताओं के साथ भी वर्चुअल बैठक की थी। पीएम मोदी ने अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के साथ सहमति जताई कि एक नई मानवीय सहायता और आपदा राहत तंत्र स्थापित किया जाना चाहिए।

रूस ने लगाई भारतीय छात्रों के लिये 130 बसें

यूक्रेन युद्ध के बीच रूस ने भारतीय छात्रों को निकालने का मास्टर प्लान बना लिया है। पीएम मोदी  ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन) से भारतीय छात्रों की सुरक्षित वापसी के लिए बात की थी। इस बात के बाद रूस अब छात्रों को निकालने की रणनीति बना चुका है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया है कि अबतक यूक्रेन से 17 हजार भारतीय निकल चुके हैं। ऑपरेशन गंगा के तहत यूक्रेन से अबतक 5 हजार से ज्यादा छात्र भारत लौट चुके हैं। रूसी न्यूज एजेंसी की माने तो करीब 130 रूसी बसों को भारतीय छात्रों और अन्य विदेशी नागरिकों को निकालने के लिए तैयार है। रूस के नेशनल डिफेंस कंट्रोल सेंटर के चीफ कर्नल नजरल मिखाइल मिंजतेस्व ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सभी विदेशी नागरिकों को यूक्रेन के खारकीव  और सुमी से रूस के बेलग्रोड इलाके में लाया जाएगा।

मतलब साफ है कि जब दूसरे मुल्क अपने लोगों को निकालने के बारे में सोच रहे है जब पीएम मोदी ने अपने ज्यादातर नागरिक निकाल चुका है। सरकार की माने तो करीब 18000 भारतीय को स्वदेश पहुंचा दिया गया है।