पीएम मोदी नवरात्र भर दिनभर में एक फल और नींबू पानी का करते हैं सेवन

जप तप और व्रत सभी जानते है कि पीएम मोदी इनका पालन दशको से करते चले आ रहे है खासकर नवरात्र के वक्त वो मां दुर्गा की अराधना में लीन रहते है। इस दौरान पीएम 9 दिन उपवास रखते है। फिर स्थान कोई भी हो उनके इसी उपवास को लेकर एक घटना का जिक्र आज हम आपसे करते है।

जब ओबामा भी मोदी जी के उपवास से रह गये दंग

बात 2014 की है नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री के रूप में पहली बार 26 सितंबर को अमेरिका में थे। पूरी दुनिया की नजर उनपर थी। पीएम मोदी के अमेरिका पहुंचने से ठीक एक दिन पहले शारदीय नवरात्र शुरू हो चुके थे। वही दूसरी तरफ नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे के वक्त वहां के राष्ट्रपति बराक ओबामा थे और उन्होंने मोदी के सम्मान में व्हाइट हाउस में भोज दिया था, लेकिन नवरात्रि के कारण मोदी ने केवल गुनगुना पानी का सेवन किया था। इस बात ने अमेरिका के लोगों को प्रभावित किया और इसकी चर्चा अमेरिकी मीडिया में भी खूब हुई। 9 दिन बिना कुछ खाये मोदी जी की ऊर्जा को देखकर खुद ओबामा भी चकित रह गये थे। वैसे ये पहला मौका नही था इसके पहले भी कई मौके ऐसे आये जब पीएम मोदी उफवास के दौरान भी काम करते हुए दिखाई दिये फिर वो 90 के दशक की राम रथ यात्रा का वक्त हो या फिर गुजरात में सीएम रहते हुए काम करने का उनका तरीका हो सबसे चकित करने वाली बात ये होती है कि पीएम इस दौरान भी पूरी तरह से ऊर्जा से भरे दिखाई देते है और जनहित के काम करते रहते है। इस बार तो पीएम मोदी नवरात्र के दौरान बिहार चुनाव के चलते रैली भी करेगे। पीएम की 12 रैली बिहार में तय की गई है जिसकी शुरूआत वो 23 तारीख से करने जा रहे है।

प्रधानमंत्री की व्रत पद्धति के बारे में आप भी जानें

  • नौ दिन का उपवास और इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी दिन में केवल एक बार फल का सेवन करते हैं।
  • शाम को वे नींबू पानी पीते हैं।
  • नवरात्रि के दौरान प्रधानमंत्री रोज सुबह योग करते हैं और ध्यान लगाते हैं।
  • व्रत के दौरान व्यस्त दिनचर्या के बावजूद प्रधानमंत्री जहां भी रहें वे रोज सुबह पूजा जरूर करते हैं।
  • उपवास को लेकर प्रधानमंत्री ज्यादा बात करते नजर नहीं आते हैं. उन्होंने 2012 में अपने ब्लॉग में पहली बार अपने नवरात्रि के व्रत के बारे में लोगों से जानकारी साझा की थी।
  • विजयादशमी के दिन वे शस्त्रपूजन में भी हिस्सा लेते हैं।

जब गुजरात के मुख्यमंत्री पद पर मोदी आसीन थे उस वक्त तो वे नवरात्रि के दौरान आमदिनों की तुलना में एक घंटे पहले रात करीब 10 बजे ही काम निपटा समेट लेते थे, लेकिन अब बतौर प्रधानमंत्री वे ऐसी कोई छूट नहीं लेते और अपने काम पर ध्यान लगाते हैं। ऐसे पीएम को पाकर तभी तो देश के हर नागरिक फूले नही समाते है और हो भी क्यो न क्योकि ऐसा प्रधानसेवक बहुत मुश्किल से किसी देश को मिलता है।

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