लटके अटकी परियोजना से कितना हुआ नुकसान पीएम मोदी ने मांगी लिस्ट

पीएम मोदी की हमेशा ये कोशिश रहती है कि सरकारी योजना तय समय पर पूरी हो जिससे उस पर आने वाली लागत ज्यादा ना हो सके। इसके लिये वो लगातार अधिकारियों को दिशानिर्देश भी देते रहते है तो सख्त कार्यवाही करने में भी पीछे नहीं हटते। ऐसे में पीएम मोदी ने इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की लिस्ट तैयार करने को कहा है जो कोर्ट या फिर नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल  के फैसलों की वजह से रुकी हुई है। पीएम मोदी ने इन अटकी पड़ी परियोजनाओं के चलते सरकारी खजाने को होने वाले नुकसान का ब्यौरा तैयार करने का भी निर्देश दिया है। पीएम मोदी ने यह निर्देश 37वीं प्रगति बैठक के दौरान दिया।

रेलवे, हाईवे सहित 8 परियोजनाओं की समीक्षा

सरकारी अधिकारियों के साथ प्रगति बैठक के दौरान पीएम मोदी ने 8 इन्फ्रास्ट्र्क्चर परियोजनाओं- 6 रेल और सड़क परियोजनाओं और बिजली क्षेत्र से संबंधित दो परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। पीएम मोदी की तरफ से दखल इस बात के संकेत दे रही है कि सरकार परियोजनाओं में बाधाओं को दूर करने के लिए समन्वय के साथ कानूनी रास्तों का सहारा ले सकती है।

देरी के चलते होने वाले सरकारी खजाने को नुकसान की लिस्ट तैयार करने का दिया आदेश

कई सरकारी योजनाओं में सिर्फ सरकारी विभाग द्वारा खड़े किये जा रही रुकावटों के चलते कई मामला अटका हुआ है और इसके चलते परियोजना की लागत बढ़ती जा रही है। हालांकि पीएम मोदी इस बात से ज्यादा खुश नहीं दिखे और उन्होने विभागो से जल्द से जल्द मामले को सुलझाने की बात कही है तो वही ये भी निर्देश दिया है कि इससे हो रहे नुकसान की लिस्ट भी तैयार की जाये।

रेल और सड़क सुरंगों को एक साथ बनाने पर हो फोकस

देश में कई इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं हैं जो भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय मुद्दों को लेकर कोर्ट में दाखिल याचिकाओं को चलते अटकी पड़ी हैं। इनमें उत्तराखंड में की चारधाम परियोजना यानी ऑलवेदर रोड भी शामिल है। पीएम मोदी ने रेल मंत्रालय को पहाड़ी क्षेत्रों में रेल सुरंगों की योजना और निर्माण करते समय एक ऐसे हाइब्रिड सिस्टम को विकसित करने का भी निर्देश दिया जिससे सड़क सुरंगों को भी एक साथ बनाया जा सके।

योजनाओ में  देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की लिस्ट भी तैयार हो

इसके साथ साथ पीएम ने उन अधिकारियों की भी लिस्ट तैयार करने को बोला है जिनके चलते परियोजनाओ में लेटलतीफी देखी जा रही है। पीएम मोदी ने सख्त लहजे में आदेश दिया है कि ऐसे अधिकारियों का एक डोजियर तैयार करने को बोला है और इसकी रिपोर्ट एक हफ्ते के देने निर्देश दिये है।

मोदी 2.0 के करीब 3 साल पूरे हो चुके है लेकिन अगर सरकार के कामकाज पर पिछले सालों पर नजर डाले तो वो सुपर स्पीड में ही रहे है। ऐसे में परियोजनाओं को लेकर सुस्ती सरकार बिल्कुल बर्दाश्त करने के मूड में नही है, तभी तो खुद पीएम मोदी ने अब ऐसी योजनाओं को जल्द पूरा करने का बीड़ा अपने हाथो लिया है जिससे ये योजनाए भी जल्द पूरी हो और जनता को इससे फायदा हो सके।