पीएम मोदी का ऐलान, कोरोना टीकाकरण अभियान में मोबाइल तकनीक का करेंगे इस्तेमाल

कोरोना वैक्सीन को लेकर लगातार अच्छी खबर आ रही है जिससे लगता है कि वैक्सीन के आने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। लेकिन इस बीच पीएम मोदी ने बताया है कि कोरोना वैक्सीन का कनेक्शन मोबाइल से जोड़ा जाएगा ताकी सभी को इसका फायदा हो सके।

टीके का कनेक्शन आपके मोबाइल से होगा 

देश में कोरोना टीका सबतक आसानी से पहुंचे इसके लिए सरकार लगातार योजना बनाने में लगी है। खुद पीएम मोदी टीकाकरण की रूपरेखा पर सीधे जानकारी ले रहे है जिसके चलते पीएम मोदी पहले तो देश में तैयार हो रही वैक्सीन का जायजा लेने गये थे। तो दूसरी तरफ सभी दल के नेताओं से भी इस बाबत योजना बनाने की अपील कर चुके है। इसी बाबत पीएम मोदी ने बोला है कि कोविड-19 टीकाकरण अभियान में मोबाइल टेक्नॉलजी का इस्तेमाल किया जाएगा। इस महामारी का टीका जल्द उपलब्ध होने की उम्मीद है। पीएम मोदी पिछले दिनों घोषणा कर चुके हैं कि अगले कुछ हफ्तों में यह टीका भारत में उपलब्ध होगा। इंडिया मोबाइल कांग्रेस के चौथे संस्करण का उद्घाटन किया। मोदी ने पांचवीं पीढ़ी की मोबाइल सेवा या 5जी मोबाइल नेटवर्क को जल्द से जल्द से शुरू करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे ‘मल्टी-जीबीपीएस पीक डेटा स्पीड’ उपलब्ध हो सकेगी। मोबाइल टेक्नॉलजी को जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे पारदर्शिता और कोरोना महामारी के दौरान रोजमर्रा के काम करने में काफी मदद मिली है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 का टीकाकरण अभियान चलाने में भी इससे मदद मिलेगी।

3 साल में देश के सभी गांवों में होगा हाई स्पीड इंटरनेट

इसके साथ साथ पीएम ने एक बार फिर ऐलान किया कि देश के सभी गांवों को तीन साल में उच्च-गति की फाइबर ऑप्टिक डेटा कनेक्टिविटी से जोड़ जाएगा। मोदी ने कहा कि दूरसंचार क्षेत्र ने दुनिया को यह दिखा दिया है कि तकनीक का जीवन को बेहतर बनाने के लिये किस प्रकार बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल से जीवन से जुड़े विभिन्न कार्यों में पारदर्शिता को बढ़ावा मिला है। इस कार्यक्रम में देश विदेश के सैकड़ों निवेशक और उद्योगपतियों भाग ले रहे हैं। यह दक्षिण एशिया में दूरसंचार सेवा एवं उद्योग का सबसे बड़ा सम्मेलन बताया जा रहा है। इसका आयोजन मोबाइल दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के मंच सीओएआई ने दूरसंचार विभाग के साथ मिल कर किया है।

पिछले 6 साल से सरकार जिस तरह से इंटरनेट को लेकर देश के कोने कोने तक लोगो को जागरूक कर रही थी आज उसका ही नतीजा है कि देश की एक बड़ी आबादी नेट यूज करने में सहज हो गई है। फिर वो गांव की हो या शहर की और इसी का फायदा आने वाले दिनो में देखने को मिलेगा जब इस तकनीक के सहारे ही वैक्सीन देश के हर नागरिक तक पहुंचाया जा सकेगा।