पीएम मोदी ने फिर से देशवासियों सीना फक्र से चौड़ा करने का मौका दिया

एक बार फिर साबित हो गया कि भारत वो देश है जो समूची दुनिया में शांति बनाये रखने के लिये काम करता रहता है, पीएम मोदी को मिले सियोल शांति पुरस्कार से इस बात पर मोहर भी लग गई है। पीएम ने कहा कि मुझे खुशी है कि यह पुरस्कार उस साल मिला जब हम लोग महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मना रहे हैं।

दक्षिण कोरिया के दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सियोल शांति पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया है। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि ये भारत का सम्मान है इतना ही नही पीएम ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान का नाम लिए बिना उसपर विश्व समुदाय को मिलकर कार्यवाही करने की बात भी की। पीएम ने साफ किया कि भारत पिछले 40 साल से सीमा पार आतंकवाद का सामना कर रहा है। अब वक्त आ गया है कि जो मानवता में विश्वास करते हैं वे ऐसी हरकतों को मुंहतोड़ जवाब दें। उन्होंने कहा कि ऐसा करके ही हम दुनिया में शांति स्थापित कर सकते हैं।

पाकिस्तान को फिर घेरा – मौका था और दस्तूर भी ऐसे मे पीएम मोदी कैसे चूक सकते है। वैश्विक स्तर पर पाकिस्तान को घेरते हुए सियोल  में भी पाकिस्तान का जिक्र किया। उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि भारत पिछले 40 सालों से बॉर्डर पार से हो रहीं आतंकी साजिशों का शिकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है कि मानवता में विश्वास रखने वाले एकसाथ होकर आतंकवाद और उनको सपॉर्ट करनेवालों को खत्म करें। यहां उन्होंने साउथ कोरिया के राष्ट्रपति की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने समझदारी दिखाते हुए नॉर्थ कोरिया के साथ बातचीत करके संबंध ठीक किए।

पुरस्कार की रकम दान मे दी -पीएम मोदी ने सियोल शांति पुस्कार से मिली रकम को गंगा को साफ करने के लिए चलाई जा रही योजना ‘नमामी गंगे’ को देने का ऐलान किया। करीब 1 करोड 30 लाख रूपये की रकम इस पुरस्कार के साथ पीएम को मिली है। यहा गौर करने वाली बात ये है कि पीएम इस तरह पहले भी पुरस्कार की मिली रकम कई तरह के समाजिक कामो मे दे चुके है।

खिताब पानेवाले पहले भारतीय बने मोदी

साउथ कोरिया ने 1990 से इस पुरस्कार से लोगों को नवाज रहा है। हर दो साल में यह पुरस्कार दिया जाता है। साउथ कोरिया सद्भाव और दोस्ती बढ़ानेवाले लोगों को इससे नवाजता है। बता दें कि मोदी से पहले संयुक्त राष्ट्र के पहले अश्वेत महासचिव कोफी अन्नान, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून, जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल आदि को भी यह पुरस्कार दिया जा चुका है। मोदी यह पुरस्कार पानेवाले दुनिया के 14वें और भारत के पहले शख्स बन गए हैं।

मोदी के कामों को भी दिखाया गया

पुरस्कार से नवाजने से पहले कार्यक्रम में पीएम मोदी की उपलब्धियों के बारे में बताया। इससे जुड़ी एक फिल्म दिखाई गई, जिसमें बताया कि मोदी एक साधारण परिवार से निकले, जिनके पिता चाय बेचते थे। इसके बाद दिखाया गया कि वह कैसे यूरोपीय, एशियाई आदि देशों को एकसाथ लेकर चलते हैं। मोदी के क्लीन इंडिया की भी काफी तारीफ की गई। इसके अलावा पर्यावरण के मुद्दे पर पीएम की चिंता, सोलर पावर को बढ़ावा देने की उनकी कोशिशों की भी तारीफ हुई।

यानी की मोदी जी ने एक बार फिर से देशवासियों का सीना चौड़ा कर दिया है क्योकि उनकी कोशिशो के चलते भारत का परचम विश्व मे लहरा रहा है। और भारत विकास की रह मे आगे चल रहा है।