प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों के साथ की बैठक, जानें ख़ास बातें

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक मे कोरोना की जमीनी स्थिति तथा लॉकडाउन हटाने जैसे मुद्दों पर चर्चा की | इस दौरान उन्होंने अलग अलग राज्यों के प्रमुखों से उनकी समस्याओं के बारे मे भी सुना | उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि लॉकडाउन को हमेशा के लिए नहीं बढ़ाया जा सकता, देश की आर्थिक स्थिति के बारे मे भी सोचना होगा | इस बैठक के कुछ महत्वपूर्ण निष्कर्ष :- 

लॉकडाउन से फायदा, बची हजारों जान

पीएम ने इस बैठक में कहा कि लॉकडाउन से हजारों लोगों की जान बची। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन का काफी फायदा हुआ। हम पिछले डेढ़ महीने में हजारों लोगों की जान बचाने में सफल रहें। उन्होंने कहा कि दूसरे देशों की तुलना में यहां कोरोना का असर उतना नहीं हुआ है।

हॉटस्पॉट पर राज्यों की दी बड़ी सलाह

पीएम ने राज्यों से हॉटस्पॉट और रेड जोन वाले क्षेत्रों में लॉकडाउन सख्ती से लागू करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्यों को कोशिश करनी चाहिए कि रेड जोन को ऑरेंज जोन में और उसके बाद ग्रीन जोन में तब्दील किया जाए।

पीएम बोले, ‘दो गज दूरी’ जरूरी

पीएम ने कहा कि देश ने अब तक दो लॉकडाउन देखा है। दोनों का असर हुआ है। अब हमें आगे के बारे में सोचना होगा। हमें दो गज दूरी बनाकर रखी होगी।उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस का असर आने वाले समय में भी दिखेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मास्क और फेस कवर हमारे जीवन का हिस्सा बन जाएंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ऐसी परिस्थिति में जिम्मेदारी निभाएं।

अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर भी तैयारी

पीएम मोदी ने बैठक में कहा कि हमें देश की अर्थव्यवस्था पर भी ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था की सेहत ठीक है और हमें इसे लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। ऑरेंज और ग्रीन जोन में आर्थिक गतिविधियों को छूट दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि साथ-ही-साथ हमें कोविड-19 से भी लड़ना होगा। उन्होंने बैठक में तकनीक के इस्तेमाल और सुधारत्मक कदम उठाने पर बल दिया।

विदेशों में फंसे भारतीय पर यह बोले पीएम

विदेशों में फंसे भारतीय के मुद्दे पर पीएम ने कहा कि यह उनके सुविधा के लिहाज से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लेकिन इसके अलावा यह भी ध्यान दिया जाएगा कि उनकी वजह से उनके परिवारवालों को कोई तकलीफ नहीं हो।