अक्षय कुमार के इंटरव्यू में पीएम मोदी का दिलचस्प जवाब

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लोकसभा चुनाव के हलचल में प्रधानमंत्री मोदी ने एक्टर अक्षय कुमार को एक गैर राजनीतिक इंटरव्यू दिया है।

इस इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खुल कर बात की| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक जीवन के बारे में लोग बहुत कुछ जानते हैं, लेकिन उनके व्यक्तिगत जीवन के बारे में लोग ज्यादा कुछ नहीं जानते हैं। राजनीतिक साक्षात्कार से अलग बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने उनके निजी जीवन के बारे में विशेष इंटरव्यू लिया। इसमें प्रधानमंत्री के जीवन के कई अनसुनी अनकहीं पहलुओं पर बात की।

कुछ सवालों पर हम नज़र डालते हैं-

अक्षय- आप खुद ट्विटर और इंस्टाग्राम देखते हैं, अपने ऊपर बने हुए मीम्स देखकर कैसा लगता है?
पीएम मोदी- मैं बिलकुल देखता हूं। मुझे दुनियाभर की जानकारी मिलती है। मैं आपका ट्विटर अकाउंट भी देखता हूं और ट्विंकल का भी देखता हूं। और उसे देखकर मुझे लगता है कि जो वह गुस्सा मुझपर निकालती हैं, आपके पारिवारिक जीवन में शांति रहती होगी क्योंकि उनका सारा गुस्सा मेरे पर निकल जाता होगा और आपको आराम रहता होगा। मीम्स को देखकर मैं इंजॉय करता हूं, मोदी को कम, क्रिएटिविटी को ज्यादा देखता हूं। मेरा विरोध भी होता है तो मजा आता है। सोशल मीडिया का फायदा यह है कि कॉमन मैन की सेंस, क्रिएटिविटी समझने में बड़ा मजा आता है|

अक्षय- इतना बड़ा आपका घर है। आपका मन करता है आपके मां-भाई आपके साथ घर पर रहें?
पीएम मोदी- अगर मैं पीएम बनकर घर से निकलता तो शायद मन करता लेकिन मैं बहुत छोटी आयु में घर से निकला था। उसके बाद जिंदगी डिटैच हो गई। मेरी ट्रेनिंग इसी तरह से हुई है। एक अवस्था में छोड़ा तो मुश्किल होती है। जिस वक्त घर छोड़ा था, उस वक्त तकलीफ हुई होगी लेकिन अब जिंदगी वैसी बन गई। मन करता है तो कभी मां को बुला लिया, उनके साथ कुछ दिन बिताए। मैं जब मां से मिलता हूं तो सवा रुपये मेरे हाथ पर रख देती हैं। फिर मां कहती है कि मेरे पीछे समय क्यों बर्बाद करते हो, मैं यहां क्या करूं, गांव में लोग आते हैं, बातें करते हैं। मैं भी समय नहीं दे पाता।

अक्षय- मैंने अपने ड्राइवर की बेटी से पूछा कि मोदी से कोई सवाल पूछना चाहोगी। उसने कमाल का सवाल पूछा। हमारे प्रधानमंत्री आम खाते हैं? खाते हैं तो काट के खाते हैं या फिर गुठली के साथ खाते हैं?
पीएम मोदी- आम मैं खाता हूं और मुझे यह बहुत पसंद है। गुजरात में आमरस की परंपरा भी है। जब मैं छोटा था कभी खेतों में चले जाता था। देश का किसान बड़ा उदार रहता है। खेत में आकर खाने पर रोकता नहीं है। चोरी पर रोकता है। पेड़ पर पके आम खाना मुझे पसंद था। प्राकृतिक रूप से पके हुए खाना। जब बड़े हुए तो आमरस और कई किस्म के आम खाने की आदत हुई। अब लेकिन कंट्रोल करना पड़ता है। सोचना पड़ता है कि इतने खाऊं की नहीं।

अक्षय- कभी आपने सोचा था कि आप पीएम बनेंगे और अगर सोचा भी था तो किस उम्र में ऐसा सोचा था?
पीएम मोदी- मैंने कभी ऐसा नहीं सोचा था। शायद जो बन जाते हैं तो उनके मन में भी ऐसा नहीं रहा होगा। मेरे परिवार की जिस तरह की स्थिति रही है, उसमें तो मुझे एक छोटी नौकरी भी मिल जाती तो मेरी मां खुश हो जाती। हां, अगर किसी का परिवार ऐसा होता है और वह ऐसा सोचता है तो फिर वह अलग बात है।

अक्षय- गुजरात के सीएम से जब पीएम बने, आपके बैंक अकाउंट में 21 लाख रुपये थे और वे 21 लाख आपने स्टाफ की बच्चियों के नाम पर एफडी कर दिए और बांट दिए। आज आपका बैंक बैलंस कितना है?
पीएम मोदी- यह आधी बात है। सीएम बनने से पहले बैंक अकाउंट नहीं था। विधायक बना तो सैलरी आनी शुरू हुई। बचपन में बना था, गांव में देना बैंक खुली। उन्होंने बच्चों को गुल्लक दी और बताया कि इसमें पैसे जोड़कर बैंक में जमा करना है। हमारे पास जमा करने के लिए कभी पैसे आए ही नहीं। हम गांव छोड़कर चले गए। बैंक में अकाउंट बना रहा तो हर साल उन्हें कैरी फॉरवर्ड करना था। 30-32 साल तक वह बना रहा। बाद में बैंक वालों को पता चला कि राजनीति में आ गया हूं तो वे मेरे पास आए कि साइन कर दीजिए, आपका बचपन का बैंक अकाउंट बंद करना है।

अक्षय- आपके पास अलादीन का चिराग हो, जिन्न तीन विश मांगे तो आप क्या मांगेगे?
पीएम मोदी- बिना परिश्रम के कुछ नहीं मिलता है और अगर मुझे अलादीन का चिराग मिल जाये तो मैं उसे कहूंगा की ये जितने भी समाजशास्त्री और शिक्षाविद हैं उनके दिमाग में भर दो कि वे आने वाली पीढ़ियों को ये अलादीन के चिराग वाली थिअरी पढ़ानी बंद कर दें। उन्हें मेहनत करने की शिक्षा दें।

पीएम ने कहा, ‘कभी किसी पर काम के लिए दबाव नहीं डालता हूं’

स्ट्रिक्ट होने के सवाल पर मोदी ने कहा कि मेरे बारे में जो छवि बनाई गई है वह ठीक नहीं है। उन्होंने कहा, ‘कोई यह कहे कि काम बहुत करना पड़ता है तो सच्चाई है, लेकिन मैं किसी पर दबाव नहीं डालता। मैं एक वर्क कल्चर डिवेलप करता हूं और वह मैं खुद काम करता हूं इसलिए वह डिवेलप हो गया है। स्ट्रिक्टनेस अनुशासन किसी पर थोपने से नहीं आता है। मेरे साथ मीटिंग में लोग खुद मोबाइल लेकर नहीं आता हैं।’ पीएम ने हास्य के सवाल पर कहा कि अब डर लगता है कि लोग आधे-अधूरे शब्दों को उछालकर पेश करते हैं। इरादा वो नहीं होता है हंसी-मजाक का होता है, लेकिन अब आधे-अधूरे शब्दों के आधार पर प्रतिक्रिया दी जाती है।

ममता दीदी मेरे लिए कुर्ते भेजती हैं: पीएम

विपक्षी पार्टी के साथ सबंधों पर पीएम ने कहा कि ममता बनर्जी उन्हें तोहफा देती हैं। पीएम ने कहा,’मेरे कई दोस्त हैं विपक्षी पार्टी में और बहुत अच्छे दोस्त हैं, उनके साथ खाना भी खाते हैं। तब मैं गुजरात का सीएम नहीं था किसी काम से मैं संसद गया था और गुलाम नबी आजाद और मैं गप्पें मार रहे थे। एक मीडियाकर्मी ने कहा किआरएसएस वाले हो और गुलाम नबी के साथ हो। गुलाम नबी जी ने कहा कि सभी दल के लोग फैमिली के तौर पर जुड़े हैं। ममता दीदी आज भी मुझे साल में एक-दो कुर्ते खुद सिलेक्ट कर भेजती हैं। कोई न कोई बंगाली नई मिठाई ढाका से मुझे वहां की पीएम शेख हसीना जी भेजती हैं, जब ममता दीदी को पता चला तब से वह भी मेरे लिए कोई मिठाई भेजती हैं।’

दोस्त ओबामा ने पीएम को दी अधिक नींद लेने की सलाह

पीएम मोदी के सिर्फ 3-4 घंटे सोने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘मेरे डॉक्टरों की टीम भी कहती है कि मुझे नींद पर्याप्त लेना चाहिए। ओबामा जी मेरे अच्छे मित्र हैं उनका भी कहना है कि मुझे अपनी नींद पूरी लेनी चाहिए। मैंने कठिन परिश्रम किया है जीवन में और यह अभ्यास से हासिल हुआ है कि उठते ही मेरे पैर सीधे जमीन पर रहते हैं। अब मैं भी सोचता हूं कि शायद रिटायर होने के बाद मैं पहला काम यही करूंगा कि अपनी नींद कैसे बढ़ाऊं, इसके लिए कुछ परिश्रम करूंगा।’

फिल्मों को लेकर क्या कहा मोदी ने?

पीएम मोदी अपनी भाषण शैली के कारण खासे लोकप्रिय हैं। यूएन में बतौर पीएम पहले स्पीच के बारे में उन्होंने कहा कि मेरे लिए मुश्किल होती है कि मुझे पर्चा देखकर पढ़ना हो। बिना पढ़े पढ़ना मेरे लिए अधिक आसान रहता है। यूएन स्पीच में मैं तो बिना पर्चा देखे ही पढ़ना चाहता था। उन्होंने फिल्मों से जुड़े सवाल पर कहा कि पीएम बनने के बाद फिल्में देखने का वक्त नहीं मिला, लेकिन सीएम रहते हुए मैंने अमिताभ बच्चन की एक फिल्म पा देखी थी।

आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव का परिणाम 23 मई 2019 को आएगा| अभी तक तीन चरण का मतदान समाप्त हो चूका है| अगर खबरों की मानें तो फिर से मोदी लहर और भाजपा की सरकार बनती नज़र आ रही है| अब देखना दिलचप्स होगा कि क्या भाजपा 350 पार कर पायेगी या नही|