पीएम इनोवेटिव लर्निंग प्रोग्राम ‘ध्रुव’ का हुआ आगाज, देश के 60 चुने हुए बच्चों को इसरो देगा खास प्रशिक्षण

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) मुख्यालय से प्रधानमंत्री इनोवेटिव लर्निंग प्रोग्राम ‘ध्रुव’ का आगाज किया है। मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक इसे लॉन्च किया। इस प्रोग्राम में 60 स्टूडेंट को शामिल किया है, जिन्हें ध्रुव तारा नाम दिया गया है। इसका मकसद स्टूडेंट को उनकी क्षमता का एहसास करना और समाज के लिए योगदान देने के लिए प्रेरित करना है।

PM Innovative Learning Program 'Dhruv'

ध्रुव कार्यक्रम देश में प्रतिभाशाली छात्रों की तलाश के लिए एक मंच के रूप में काम करेगा और ऐसे छात्रों को विज्ञान, ललित कला और रचनात्मक लेखन आदि जैसे उनकी रूची के विषयों में उत्कृष्टता हासिल करने में मददगार होगा। इसके जरिये प्रतिभाशाली छात्र न केवल अपनी पूरी क्षमता का भरपूर इस्तेमाल कर सकेंगे, बल्कि समाज के लिए भी योगदान कर पाएंगे। चुने गये 60 प्रतिभाशाली बच्चों सहित केन्द्रीय विद्यालय के छात्र भी ध्रुव कार्यक्रम के शुभारंभ मौके पर मौजूद थे।

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि महत्वाकांक्षी नई योजना, जिसका उद्देश्य नौवीं से बारहवीं कक्षा के प्रतिभाशाली भारतीय छात्रों के कौशल को निखारने और प्रोत्साहित करने के लिए रूस के सोची स्कूल की तर्ज पर देश में ‘ध्रुव’ के नाम से उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करेगी। प्रधानमंत्री नवाचार शिक्षण कार्यक्रम प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान करने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए शुरू किया गया है ताकि वे अपने कौशल और ज्ञान को और समृद्ध बना सकें।

उन्होंने कहा यह मोदी सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है। इसलिए, इस पायलट परियोजना को इसरो मुख्यालय से लॉन्च किया गया है, जहां से हाल ही में चंद्रयान मिशन सहित देश के प्रेरणादायक अंतरिक्ष कार्यक्रम ने उड़ान भरी है। अधिकारी ने कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय के शीर्ष अधिकारी, जिनमें प्रधानमंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर के विजय राघवन भी शामिल हैं, ने लॉन्च की रूपरेखा तैयार किया हैं।

ध्रुव कार्यक्रम के पहले बैच में सरकारी और निजी स्कूलों के नौ से बारवीं कक्षा के 60 अत्याधिक प्रतिभावान छात्रों का चयन किया गया है। इनमे से 30 छात्रों को ललित और अन्य कला से संबंधित क्षेत्रों में और बाकी 30 को विज्ञान के क्षेत्र में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। अगले 14 दिनों में इन बच्चों को उनके चुने हुए क्षेत्र में प्रशिक्षण देने का काम शुरू कर दिया जाएगा। इन सभी चुने छात्रों को, मंत्रालय विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण देगा।

इस मौके पर मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा की ये छात्र देश के 33 करोड़ छात्रों के लिए प्रेरक होंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि श्री मोदी के नेतृत्व में सरकार ने मेकिंग इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया, डिजिटल इंडिया एवं अन्य कार्यक्रमों ने देश को विश्व का नेतृत्व प्रदान किया है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इसरो के प्रमुख डॉ. के. शिवन कहा कि इस कार्यक्रम से युवा पीढ़ी को नयी प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने ये भी कहा कि नयी प्रतिभाओं और कुशाग्र बुद्धि वाले युवा विशेषज्ञों ने ही इसरो के अंतरिक्ष कार्यक्रम को नयी ऊंचाई प्रदान की है और जनता की समस्याओं को सुलझाने में योगदान दिया है।