पीएम ने सरल अंदाज में समझाया बजट, बोले उनकी सरकार अन्नदाता को ऊर्जादाता बनाएंगे

देश की जनता के सामने नये भारत के निर्माण के लिए आत्मनिर्भर भारत का बजट लोकसभा में वित्तमंत्री ने पेश कर दिया है। लेकिन इस बजट को कुछ लोग पूरी तरह से समझ नही पा रहे थे। ऐसे में आज पीएम मोदी ने बड़े ही सरल शब्दों में देश की जनता के सामने बजट को रखा जिसके बाद शायद ही अब बजट को लेकर किसी के मन में कोई सवाल होगे।

अन्नदाता’ को ‘ऊर्जादाता’ बनाएंगे, खाद्य तेल का पैसा नहीं भेजेंगे विदेश

सबसे पहले पीएम मोदी ने किसानों के बारे में बात करी और बताया किसानो के लिये एमएसपी लगातार जारी रहेगी। तो तकनीक के सहारे किसान की खेती को और बेहतर बनाने का प्रयास इस बजट में किया गया है। इतना ही नही उन्होने कहा कि हर साल जो लाखों करोड़ रुपए हम खाद्य तेल खरीदने के लिए विदेश भेजते हैं वो देश के किसानों को ही मिले, इसके लिए विशेष योजनाएं लागू की जा रही हैं। अन्नदाता को ऊर्जादाता बनाने का एक बड़ा अभियान निरंतर चल रहा देश की कृषि को टेक्नॉलॉजी आधारित और कैमिकल फ्री बनाने के लिए बड़े कदम इस बजट में उठाए गए हैं। बीते बजट में हमने किसान रेल और किसान उड़ान की सुविधा सुनिश्चित की, अब किसान ड्रोन किसान का नया साथी बनने वाला है। ड्रोन तकनीक से किसान को तो मदद मिलेगी ही, उत्पादन का रियल टाइम डेटा भी उपल्बध होगा। इससे जुड़े स्टार्ट-अप्स को फंड करने के लिए नाबार्ड के माध्यम से मदद भी दी जाएगी। ड्रोन तकनीक से किसान को तो मदद मिलेगी ही, उत्पादन का रियल टाइम डेटा भी उपल्बध होगा। इससे जुड़े स्टार्ट-अप्स को फंड करने के लिए नाबार्ड के माध्यम से मदद भी दी जाएगी।

पोस्ट ऑफिस के खातों में भी बैंकिंग की तरह सारी सुविधाएं

अब पोस्ट ऑफिस के खातों में भी बैंकों की तरह ही मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, एटीएम और ऑनलाइन फंड ट्रांस्फर की सुविधा मिल पाएगी। अभी देश में डेढ़ लाख से अधिक पोस्ट ऑफिस हैं, जिसमें से अधिकतर गांवों में हैं तो वही आज सस्ता और तेज इंटरनेट भारत की पहचान बन चुका है। बहुत जल्द सभी गांव तक ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी पूरी होगी। 5G सर्विस भारत में एक अलग ही आयाम देने वाली है।

महिलाओं को घर की मालकिन बनाया

आज सरकार उनके लिये काम कर रही है जो गरीब थे झोपडपट्टी में रहते थे, अब उनके पास अपना घर है। पहले के मुकाबले इन घरों के लिए राशि भी बढ़ाई और घरों का साइज भी बढ़ाया है ताकि बच्चों को पढ़ाई के लिए जगह मिल जाए। बड़ी बात ये भी है कि इसमें से ज्यादातर घर महिलाओं के नाम पर है यानि हमने महिलाओं को घर की मालकिन भी बनाया। आज देश में करीब-करीब 9 करोड़ ग्रामीण घरों में नल से जल पहुंचने लगा है। इसमें से करीब-करीब 5 करोड़ से ज्यादा पानी के कनेक्शन, जल जीवन मिशन के तहत पिछले दो वर्ष में दिए गए हैं।

सीमा पर सीमावर्ती गांवों की देशभक्ति का जज्बा भी अद्भुत

राष्ट्र की सुरक्षा के लिए हमारी सेनाएं, हमारे जवान दिन-रात जुटे रहते हैं, जान की बाजी भी लगा देते हैं। लेकिन सीमा पर जो जवान तैनात हैं, उनके लिए सीमावर्ती गांव भी किले का काम करते हैं। इसलिए उन सीमावर्ती गांवों की देशभक्ति का जज्बा भी अद्भुत होता है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत जैसे देश में कोई क्षेत्र पिछड़ा रहे, ये ठीक नहीं। इसलिए हमने आकांक्षी जिला अभियान शुरू किया था। इन जिलों में गरीब की शिक्षा के लिए, स्वास्थ्य के लिए, सड़कों के लिए, बिजली-पानी के लिए जो काम हुए, उसकी प्रशंसा संयुक्त राष्ट्र ने भी की है।

इसके साथ पीएम मोदी ने बड़े ही आसान शब्दो में ये समझाया कि कैसे देश की सेना को आत्मनिर्भर भारत सरकार बना रही है। तो देश में करदाता पर कोई नया बोझ ना डालकर कही ना कही आम आदमी पर कोरोना काल में भी कोई बोझ नही डाला है। जिस अंदाज में में पीएम मोदी ने बजट को समझाया उसे सुनकर तो यही लगा कि इस बार का बजट देश के निर्माण में एक अहम रोल अदा करेगा और जिस लोगो ने कसम खा रही है कि वो बजट को समझेगे ही नही सिर्फ उन्हे ही ये बजट समझ नहीं आ रहा होगा।