स्वच्छता मिशन को सफल बनाने के लिये पीएम ने खुद थामी झाडू

कहते है कि पीएम मोदी जो ठान लेते है उसे पूरा करके ही रहते है। इसका एक उदाहरण स्वच्छ भारत अभियान के तौर पर देखा जा सकता है। इसी दौरान पीएम ने एक बार फिर से ‘स्वच्छता ही सेवा’  मुहिम की शुरूआत की है। जिसके चलते पीएम मोदी ने आम लोगों के साथ ही ऐक्टर अमिताभ बच्चन, उद्योगपति रतन टाटा, श्री श्री रविशंकर, सद्गुरुके साथ साथ कई स्वयंसेवक और आम स्वछ्ग्रहियों सेबात की और कुछ अपनी बाते भी इन लोगों के साथ साझा करी । तो खुद बिना लाव लश्कर के श्रमदान करने के लिये निकल पड़े।

 

स्वच्छता के मामले में 4 साल में की 60 साल जितनी प्रगति

देश मे’स्वच्छता’ का कवरेज जो कभी महज 40 फीसदी था, वो अब  90 फीसदी तक पहुंच गया है।   किसने सोचा होगा कि 4 साल में हम स्वच्छता के मामले में इतनी प्रगति कर लेंगे, जितनी पिछले 60 से 70 सालों में न हो पाई। किसी ने न सोचा था कि 4 सालो में 8 करोड़ शौचालय बनेंगे। किसी ने शायद यह सोचा भी नहीं होगा कि 4.5 लाख गांव, 450 जिले एवं 20 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश खुले में शौच से मुक्त हो सकते हैं।’ औऱ ये सब पीएम मोदी के पक्के इरादे की झलक ही है।

स्वच्छता से बची 3 लाख लोगों की जिंदगी

इतना ही नही इस अभियान के चलते ही देश मे लाखों लोगो की जिदंगी भी बची। और इस बात को खुद विश्व स्वास्थ्य संगठन मान रहा है। WHO के मुताबिक 3 लाख लोगों की जिंदगी स्वच्छता के चलते ही बचाई गई है।

 

बिना तामझाम के आम जनता की तरह श्रमदान करने निकले पीएम

इस अवसर पर जब पीएम खुद अपने घर से निकले तो बिना तामझाम और बिना सुरक्षा के ही वो दिल्ली की सड़को पर आम इंसान की तरह निकले। ट्राफिक लाइट के नियमो का पालन भी पीएम ने किया जिसे वहां से गुजर रहे लोगों ने जब देखा तो वो भी अचरज मे आ गये। इससे ये पता चलता है कि पीएम मोदी जनता का कितना ख्याल रखते है।

पहाड़गंज के अम्बेडकर स्कूल मे पीएम ने लगाई झाड़ू

 

स्वच्छता अभियान को खुद सफल बनाने के लिये जब प्रधानसेवक ने खुद झाड़ू लगाई और अपने नंगे हाथो से कूड़ा  उठाया तो कुछ लोगो को ये नौटंकी ही लगी होगी। लेकिन ये पीएम मोदी की जिद्द ही है कि देश को स्वच्छ बनाने के लिये वो बिना लाव लश्कर के पहुंचते है और झाड़ू लगाकर एक मिसाल कायम करते है।

सफाई की खोली पाठशाला

पीएम मोदी को एकाएक देखकर स्कूल के बच्चे अपने आप मे फूले नही समां रहे थे। लेकिन पीएम ने बिना वक्त गवाये इन बच्चो के बीच पहुंच कर सफाई की पाठशाला खोल दी। और बच्चो को सफाई की जरूरत के बारे मे बताया। इतना ही नही इस दौरान उन्होने इन बच्चो को बताया कि बाबा साहब अबेडकर का भी सपना था कि देश स्वच्छ दिखे जिसे आप लोगों को पूरा भी करना है. और इसके लिये उन्होने उनसे शपथ भी ली। इस बीच बच्चो मे भी खूब उमंग दिखी मोदी मोदी के नारे लगाते हुए ये बच्चे इसी उमंग को जाहिर करते हुए दिखाई भी दिये।

लेकिन, सिर्फ शौचलय बनाने भर से भारत स्वच्छ हो जाएगा तो ऐसा नहीं है। स्वच्छता एक आदत है, जिसे नित्य के अनुभवों में शामिल करना पड़ेगा। जिससे आने वाले दिनो मे भारत की तस्वीर बदली बदली देखने को मिले इसके लिये मोदी सरकार जहां हर तरह की कोशिश मे जुटा हुआ है तो देशवासियों को भी बिना किसी सियासत के इस काम मे जुट जाना चाहिये क्योंकि इसमे कोई सियासत नही बल्कि देश को बेहतर बनाने का ही लक्ष्य है। तो फिर देर मत कीजिये अगर आपके पास भी कोई जगह ऐसी है जहां सफाई का ध्यान कम रखा जाता है तो बिना झिझक हाथो मे झाड़ू पकड़े और शुरू हो जाये देश को स्वच्छ बनाने के लिये।