कोरोना को हराने में पीएम केयर्स फंड बना अचूक हथियार 

कोरोना महामारी के वक्त जब पीएम केयर्स फंड की स्थापना की गई थी तब इसे लेकर कई तरह के सवाल पूछे जा रहे थे। लेकिन सच कहूं तो कोरोना से मजबूती से लड़ाई हम इसी फंड के चलते लड़ पाये है। इसी क्रम में पीएम-केयर्स कोष ने टीकाकरण अभियान के पहले चरण में 2,200 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। यह टीकाकरण के पहले चरण की लागत का 80 प्रतिशत से अधिक है।

कोरोना टीकाकरण में पीएम केयर्स फंड की लगी 80 फीसदी रकम

कोरोना माहामारी के दौरान मार्च 2020 में पीएम मोदी ने पीएम केयर्स फंड का ऐलान किया था जिसमें देश के लोगों ने अपनी इच्छा से दान देकर कोरोना को हराने की शुरूआत की थी। प्रधानमंत्री कार्यालय में इस कोष का प्रबंधन कर रहे लोगों का कहना है कि कोष से महामारी से प्रभावित क्षेत्रों की मदद की जा रही है। चालू वित्त वर्ष का बजट महामारी की शुरुआत से पहले पेश किया गया था और उसमें टीकाकरण के लिए कोई अलग आवंटन नहीं है। ऐसे में जनवरी से मार्च के दौरान टीकाकरण की 80 प्रतिशत से अधिक लागत पीएम केयर्स कोष के द्वारा वहन की जा रही है। यानी की करीब 2200 करोड़ रूपये का इस्तेमाल अभी तक टीकाकरण में किया जा चुका है। गौरतलब है कि मोदी सरकार ने पहले ही ऐलान कर रखा है कि पहले चरण में हैल्थ वर्कर सहित अग्रिम मोर्चे के कर्मियों का टीकाकरण की लागत केद्र सरकार ही उठायेगी। कयास लगाया जा रहा है कि जनवरी-मार्च के लिए टीकाकरण की लागत लगभग 2,700 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है, इसका एक हिस्सा स्वास्थ्य मंत्रालय से आ रहा है, जबकि इसका कुछ हिस्सा पीएम केयर्स फंड से दिया जायेगा जिससे करीब 3 करोड़ लोगो को टीका लगेगा।

पहले भी इस फंड से दी गई है मदद

पीएम केयर्स फंड से कोरोना के वक्त पहले भी आम लोगो की मदद के लिये पैसा दिया गया है। जिसमें 2000 करोड़ वैटिलेटर खरीदने के लिए दिए गये थे तो करीब 100 करोड़ रूपये वैसीन बनाने  लिये चल रहे शोध के लिये खर्च किया गये थे। इसके साथ साथ प्रवासी मजदूरो के लिये भी इस फंड से 3100 करोड़ रूपया खर्चा किया गया था। जिससे लोगो के रोजगार, एक स्थान से दूसरे स्थान पहुंचाने के लिये खर्च किये गये जो सरकार की मंशा बताता है सरकार ने पाई पाई पैसा का कैसे प्रयोग करके देशवासियों के हित में कदम उटाये है तभी तो इतनी बड़ी आपदा आने के बाद भी हम सबल बने रहे और आगे बढ़ते गये।

कहते है ना कि जिनके दिल साफ होते है उनका हिसाब भी साफ होता है, कुछ यही हाल हमारे पीएम का है तभी पहली बार जनता के एक एक पैसे का हिसाब जनता के सामने है और इसी वजह से पीएम मोदी पर लोगो का विश्वास और गहरा होता जा रहा है।