फैस्टिवल सीजन में चीन को चित करने का प्लान तैयार

सीमा हो या आर्थिक मोर्चा हर जगह भारत चीन को पटखनी देने में लगा है। जानकारो की माने तो रक्षाबंधन के वक्त देशवासियों ने चीन को 4000 करोड़ का फटका दिया था और अब दिवाली पर भी कुछ इसी तरह चीन को चोट पहुंचाने की रणनीति तैयार कर ली गई है। जिसके चलते राष्ट्रीय कामधेनु आयोग अगले महीने दिवाली के दौरान चीनी उत्पादों का मुकाबला करने के लिए, गाय के गोबर से बने 33 करोड़ पर्यावरण अनुकूल दीये के उत्पादन करने का लक्ष्य तय कर रहा है।

देशी दियों से मिलेगा स्वदेशी आंदोलन को बढ़ावा

एक तरफ आत्मनिर्भर योजना के तहत देश के कारोबारी चीन से सस्ती लाइट बनाने में लगे है तो दूसरी तरफ चीन निर्मित दीया की जगह देश में निर्मित दीया तैयार करने पर बल दिया जा रहा है। जिसके चलते गाय के गोबर से 33 करोड दीया बनाने का काम भी शुरू कर दिया गया है। वर्तमान में भारत में प्रतिदिन लगभग 192 करोड़ किलो गोबर का उत्पादन होता है। राष्ट्रीय कामधेनु आयोग की माने तो गोबर आधारित उत्पादों की विशाल संभावनाएं मौजूद हैं। आयोग ने कहा कि हालांकि यह सीधे तौर पर गोबर आधारित उत्पादों के उत्पादन में शामिल नहीं है, लेकिन यह व्यवसाय स्थापित करने को इच्छुक स्वयं सहायता समूहों और उद्यमियों को प्रशिक्षण देने की सुविधा प्रदान कर रहे हैं।

मार्केट में आएंगी गोबर और दूध से बनीं लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां

दीयों के अलावा,  गोबर, गौमूत्र और दूध से बने अन्य उत्पादों जैसे कि एंटी-रेडिएशन चिप, पेपर वेट, गणेश और लक्ष्मी की मूर्तियों, अगरबत्ती, मोमबत्तियों और अन्य चीजों के उत्पादन को बढ़ावा दे रहे हैं. आयोग का कहना है कि  इस पहल से गौशालाओंको मदद मिलेगी, जो वर्तमान में कोविड-19 महामारी के कारण वित्तीय मुसीबत में हैं। ये गौशालायें ग्रामीण भारत में नौकरी के अवसर पैदा करने के अलावा लोगों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद कर सकती हैं।

बदलेगा ग्रामीणक्षेत्र के गरीबों का जीवन

इस कदम से ग्रामीण इलाको में रोजगार की बहार तो देखी जायेगी साथ ही छोटे छोटे गांव में कुटीर उद्योग भी लगने शुरू होंगे जिनका फायदा आने वाले दिनो में देखने को मिलेगा। खुद पीएम मोदी भी इसको लेकर कई बार लोगो से अपील कर चुके है कि वो देश में बनी वस्तुओ को खरीद कर देश की आर्थिक मदद करे ऐसे में आयोग की ये पहल काफी अच्छी रहेगी और कयास लगाया जा रहा है कि इससे देश के लोगो का फायदा भी होगा।

चीन विवाद हो या कोरोना काल मोदी सरकार आपदा को अवसर में बदलने में लगी है इसके साथ ये कहा जाये तो गलत नही होगा कि जैसे दुनिया में सबकुछ कोरोना ने बदला है उसको देखकर देश में उत्पादन बढ़ाकर दुनिया के सामने एक नये भारत की तस्वीर को भी भारत बनाने में लगा है। जिसकी पहली छवि इस बार दिवाली में देखने को मिलेगी क्योकि हर भारतीय ने प्रण कर लिया है कि वो देश के विकास के लिये सिर्फ स्वदेशी सामान खरीद कर त्योहार मनायेंगे जिससे देश की आर्थिक रफ्तार तो बढ़े ही सच में देश में इस बार हर घर में लक्ष्मी का आगमन हो।

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