आतंकियों को नेश्तनाबूद करने का ‘प्लान’ तैयार, कश्मीर में अतिरिक्त सुरक्षाबल की हुई तैनाती

कश्मीर में आतंकियों के उत्पात पर अंतिम प्रहार करने के लिए एक तरफ मोदी सरकार ने कश्मीर में और अधिक सुरक्षा बलों को भेजा है दूसरी तरफ खुद गृह मंत्री अमित शाह अब घाटी का दौरा कर रहे है और कश्मीर में बैठकर ही ये रणनीति बनाई जा रही है कि आतंकियों को कैसे खत्म किया जाये।

घाटी में भेजी गई स्पेशल टीम

घाटी के जगलों में छुपे आतंकियों को 72 हूरो से मिलाने के लिए भारत सरकार ने रणनीति बना ली है जिसके चलते कश्मीर में सुरक्षा बलों की स्पेशल टीम भेजी गई है जो खोज खोज कर आतंकियों का शिकार करेंगी। इतना ही नहीं  सभी जिला पुलिस प्रमुखों को मेसेज भेजा गया है कि वह गैर-कश्मीरी लोगों को सुरक्षा दें। ऐसे गैर स्थानीय मजदूरों को तत्काल नजदीकी पुलिस थाने या केंद्रीय अर्धसैनिक बल या सेना के प्रतिष्ठानों में लाया जाए ताकि उनकी जानमाल की सुरक्षा की जा सके। गैर-स्थानीय मजदूरों की सुरक्षा के लिए दस जिलों को भेजे गए निर्देश में लिखा है कि इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लें जिससे आतंक के खातमे के लिए सख्त प्रहार किया जा सके। यानी कश्मीर में छुपे आतंकी आये तो अपनी मर्जी से है लेकिन अब वो जा नहीं पायेगे क्योकि सेना उन्हे अब चुन चुनकर खत्म करने जा रही है।

खुद गृहमंत्री ने कश्मीर पहुंचकर लिया जायजा

देश के गृहमंत्री अमित शाह खुद कश्मीर में तीन दिन के दौरे पर है जहां वो कश्मीर के हालात पर बैठक करेंगे तो कश्मीर में आतंक पर कैसे नकेल कसी जाये इसपर भी रणनीत बनायेंगे। अगर देखा जाये तो गृहमंत्री का ये दौरा बहुत खास क्योंकि उनका ये दौरा एक बार फिर कश्मीर की जनता में मनोबल पैदा करेंगा कि केंद्र सरकार कश्मीर के हित के लिये 24 घंटे खड़ी खासकर देश के दूसरे राज्य से आये लोगों के लिये कि वो यहां खुलकर कारोबार कर सकते है। वैसे गृहमंत्री के पहले आर्मी चीफ ने भी कश्मीर आकर स्थिति का जायजा लिया था खासकर जंगलों का जहां आतंकियों के छुपे होने का कयास लगाया जाता है। इसके लिये पुलिस सेना ने मिल कर अभियान भी शुरू कर रखा है और सर्च आपरेशन के दौरान 1 दर्जन से अधिक आतंकियों को मारा भी गया है।इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने  शहीद जवान परवेज अहमद दार के घर जाकर उनको श्रद्धांजलि दी और परिजनों से मुलाकात की ।

यानी पाक से आने वाले आतंकी घाटी में आ तो रहे है अपनी मर्जी से लेकिन अब वो आकर जरूर सोच रहे होगे कि आखिर वो यहां आ क्यों गये? क्योंकि वो भी अच्छी तरह से जानते है कि भारतीय फौज के निशाने से वो अब बच नहीं सकते।