जल जीवन मिशन से रिकॉर्ड 80 मिलियन ग्रामीण घरों में पाइप से पीने का पानी उपलब्ध

कहते है अगर सच्चे मन के साथ किसी काम को पूरा करने की कोशिश की जाये तो वो जरूर पूरा होता है। कुछ ऐसा ही मोदी सरकार की योजना हर घर नल से जल में देखा जा रहा है जो हर दिन नये रिकार्ड बनाने में लगी हुई है। इसी क्रम में अब 80 मिलियन ग्रामीण घरों में पाइप से पीने का पानी उपलब्ध करवा दिया गया है जो कुल ग्रामीण परिवारों का 42.5 फीसदी है।

नल से जल का वादा पूरा करती मोदी सरकार

साल 2019 में जब मोदी सरकार ने दूसरी बार सत्ता संभाली तो उन्होने देश की जनता से एक वादा किया था कि उनकी सरकार देश में हर जिले, हर गांव तक नल से जल जरूर पहुंचायेगी। इस बाबत सरकार ने मिशन मोड में काम भी किया। जिसके बाद आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि प्रमुख जल जीवन मिशन के तहत राष्ट्रीय स्तर पर भारत के 117 तथाकथित खराब सामाजिक आर्थिक जिलों में घरों को पाइपलाइन से पानी उपलब्ध कराने की दर में चार गुना वृद्धि हुई है। देश के खराब सामाजिक आर्थिक और जापानी इंसेफ्लाइटिस के असर वाले जिलों के सभी घरों में से एक तिहाई से अधिक घरों में अब जल जीवन मिशन के तहत पाइप से पानी आ रहा है। देश के सभी घरों में से लगभग 11.2 मिलियन या 38 फीसदी जापानी-इंसेफ्लाइटिस स्थानिक लोगों के पास स्वास्थ्य परिणामों में सुधार के लिए स्वच्छ पाइप वाले पानी की पहुंच है, साल 2019 में ये लगभग 2.9 फीसदी थी। नए आंकड़ों के मुताबिक फ्लैगशिप मिशन के तहत दूसरे 11.8 मिलियन घरों या कुल का 35 फीसदी खराब सामाजिक आर्थिक जिलों में नल का पानी कनेक्शन प्रदान किया गया है। साल 2019 में ये 7.9 फीसदी था। जल जीवन मिशन-हर घर जल योजना के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को साल 2024 तक एक नल का पानी कनेक्शन प्रदान किया जाना है। 2014 की संयुक्त राष्ट्र जल रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 120 मिलियन से अधिक घरों में अपने घरों के पास स्वच्छ पानी की पहुंच नहीं है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है।

भारत में 189 मिलियन ग्रामीण परिवार

जनगणना के आंकड़ों के अनुसार भारत में 189 मिलियन ग्रामीण परिवार हैं। आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि भारत में अब तक कुल ग्रामीण घरों में से 80 मिलियन या 42.5 फीसदी से अधिक को पाइप पेयजल मिशन के तहत कवर किया गया है। ग्रामीण घरों में स्वच्छ पानी लाने के लिए देश में कई सार्वजनिक कार्यक्रम हैं, जैसे कि साल 1986 में शुरू किया गया राष्ट्रीय पेयजल मिशन। लेकिन जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल कार्यक्रम के साथ हर घर में पाइप से पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य एक मिशन मोड में प्रवेश कर गया है। जल पहुंचाने के मामले पर सरकार ऐसा नहीं है कि केवल मैदानी इलाको में ही पहुंचाया हो बल्कि चीन से सटा अंतिम गांव हो या फिर अरूणाचल प्रदेश का गांव हर जगह पीने का पानी आज नल के जल से आ पहुंच चुका है।

वैसे मोदी सरकार ने जनता से कोई वादा किया हो तो उसे तय समय पर पूरा ही किया है। ऐसे में ये साल 2024 में देश के कोने कोने तक नल से जल नहीं पहुंचे ऐसा असंभव ही लग रहा है। क्योंकि सरकार की काम करने की स्पीड ही कुछ ऐसी है।