डिफेंस एक्सपो 2020 में कई देशों को लुभा रहा पिनाक रॉकेट

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गुलाबी ठंडक में पश्चिम हवाओं के आते झोखो के बीच में होते सैनिकों के करतबों ने इस समय लखनऊवासियों में जोश भर दिया है। हर कोई उसी पग पर चला जा रहा है, जहां पर इस समय हथियारों का सबसे बड़ा मेला लगा है। जी हां, लखनऊ में 5 फरवरी से शुरू हुए डिफेंस एक्सपो में लोग हथियारों के साथ-साथ सेना के शौर्य को भी देखने के लिए आ रहे हैं। यहां पर तीखी धूप में लोग सेना के रोमांच और उनको क्षमता को देख हर कोई तालियां बजाने को मजबूर हो जा रहा है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में चल रहा डिफेंस एक्सपो रक्षा उत्पादन क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका को दुनिया भर को दिखा रहा है। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा एक्सपो है जिसमें 1000 से ज्यादा रक्षा उत्पादन कंपनियां भाग ले रही हैं। डिफेंस एक्सपो मेक इन इंडिया अभियान को बढ़ावा तो दे ही रहा है साथ ही इसने दुनिया को एक मंच प्रदान किया है जहां वह अत्याधुनिक रक्षा साजो सामान के उत्पादन के मामले में भारत के महत्वपूर्ण योगदान से रूबरू हो सके। रक्षा उत्पादन क्षेत्र में भारत ने हाल के वर्षों में जो तरक्की है यह उसी का परिणाम है कि भारत अपनी जरूरतों के लिए जिन शस्त्रों का निर्माण कर रहा है, दुनिया के विभिन्न देश उसे खरीद रहे हैं या खरीदने की इच्छा दर्शा रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि पिछले दो साल के दौरान भारत 17 हजार करोड़ रुपए के रक्षा साजो सामान का निर्यात कर चुका है जोकि अपने आप में बहुत बड़ी बात है। मोदी सरकार का लक्ष्य अगले पांच साल में इसे 35 हजार करोड़ रुपए तक करने का है। यदि भारत रक्षा साजो सामान निर्यात का यह लक्ष्य हासिल कर लेता है तो यह इस सरकार की बहुत बड़ी उपलब्धि होगी क्योंकि पिछली सरकारों का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा रक्षा साजो सामान का आयात करने का रहा जबकि यह सरकार निर्यात पर भी जोर दे रही है।

आइयें हम आपको आज बताने जा रहे है डिफेंस एक्सपो 2020 में दुनिया के कई देशों को लुभा रही पिनाक रॉकेट के बारे में :

कारगिल की जंग के दौरान ऊंची चोटियों पर बने बंकर में छिपे बैठे दुश्मनों के ठिकानों को नष्ट करने के लिए पिनाक रॉकेट का इस्तेमाल किया गया था। पिनाक का नया वर्जन बनकर तैयार हो गया है। यह पिनाक मार्क वन की तुलना में अधिक सटीक है। इसे पिनाक गाइडेड रॉकेट नाम दिया गया है। पिनाक मार्क वन का रेंज 40 किलोमीटर है। वहीं, पिनाक गाइडेड रॉकेट 75 किलोमीटर तक मार करता है। डिफेंस एक्सपो में पिनाक मार्क वन और पिनाक गाइडेड रॉकेट दोनों को दिखाया गया है।

पिनाक रॉकेट का इस्तेमाल युद्धक्षेत्र में भारी तबाही मचाने के लिए होता है। पिनाक डीआरडीओ द्वारा विकसित बहु-रॉकेट प्रक्षेपण प्रणाली है। यह 44 सेकंड में करीब 12 रॉकेट दाग सकती है। इतने अधिक रॉकेट को एकसाथ फायर करने के चलते टारगेट इलाके में भारी तबाही होती है। पिनाका मार्क वन वॉल्यूम पर निर्भर करता था। टारगेट को नष्ट करने के लिए उस इलाके में काफी सारे रॉकेट दागे जाते थे। नए वर्जन से टारगेट को सटीकता से नष्ट किया जा सकता है।

बता दे की पिनाक मिसाइल प्रणाली को डीआरडीओ की विभिन्न प्रयोगशालाओं ने विकसित किया है, जिनमें आयुध अनुसंधान एवं विकास स्थापना (एआरडीईई), अनुसंधान केन्द्र इमारत (आरसीआई), रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला (डीआरडीएल), प्रूफ एवं प्रयोगात्मक संगठन (पीएक्सई) और उच्च उर्जा पदार्थ अनुसंधान प्रयोगशाला (एचईएमआरएल) शामिल हैं।

 


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