बदलते कश्मीर की तस्वीर: कश्मीर में तिरंगा उठाकर अब देश के जवानों को किया जाता है नमन

एक वक्त था जब कश्मीर में केवल भारत के के खिलाफ नारेबाजी होती थी, भारतीय जवानों के ऊपर पत्थरबाजी की तस्वीरे आती थी लेकिन अब नये कश्मीर में ये सब बंद हो चुका है। जहां एक तरफ कश्मीरी आंतकवादियों से नही डरते तो दूसरी तरफ भारत के तिरंगे और सेना के जवानो की शहादत पर मातम मनाते हुए दिखाई देते है।

पुलवामा हमले पर घाटी में बलिदानियों को किया गया याद

कश्मीर अब पूरी तरह से बदल गया है। वैसे वहां रहने वाले तो दिल से भारतीय सेना के जवानो के साथ साथ भारत से प्यार करते थे लेकिन आतंकवादियों की दहशत के चलते वो खुलकर ये बात नही कह पाते ते लेकिन धारा 370 हटने के बाद से अब माहौल बदल चुका है और यहां पर भी देश पर मरने वाले सैनिकों की याद में शोक जाहिर किया जाता है तो उनकी याद में जलुस निकाले जाते है। पाक सीमा से सटे कश्मीर के कुपवाड़ा के गांव लोलाब में भी देखने को मिला जब पुलवामा हमले में शहीद जवानों के लिये यहां आतंकवादियों से बेखौफ होकर एक जलूस निकाला गया और शहीद जवानों को याद करके उन्हे नमन किया गया। इसके साथ साथ वहां रहने वालों ने भारतीय फौज को अपना सच्चा हमदर्द बताया और कहा कि घाटी को अगर बचाना है तो कश्मीर को पाक के एजेडों से भी मुक्त करवाना होगा जिससे कश्मीर सही मायने में स्वर्ग बन सके।

 

स्वतंत्रता दिवस हो या गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया जाता

इसी तरह कश्मीर में 15 अगस्त हो या फिर गणतंत्र दिवस दोनो मौको पर अब कर्फ्यू नही बल्कि जश्न का माहौल देखने को मिलता है। यही वजह है कि आज 15 अगस्त पर डलझील तिरंगे से पट जाती है तो गणतंत्र दिवस पर पहली बार लालचौक पर तिरंगा लहराता हुआ दिखाती देता है। इससे ये तो साफ होता है कि कश्मीर की आवाम तो देश के साथ है लेकिन कुछ लोग कश्मीर को सियासत का अखाड़ बनाये हुए है। ऐसे लोगों से ही हमे सावधान रहना है।

वैसे तो मोदी सरकार ने ऐसे लोगों का इलाज बखूबी कर रही है। फिर वो सीमा के इस तरफ हो या फिर सीमा के, उस तरफ यानी की पाकिस्तान में हो लेकिन ये जरूर है कि आज कश्मीर का जो माहौल बदला है वो सिर्फ मोदी सरकार की ही देन है।